देश में त्योहारों का सीजन चल रहा है। ऐसे में दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को लेकर व्यापारिक संगठनों ने चिंता जताई है। व्यापारियों का कहना है कि इन प्रदर्शनों के कारण सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे बाजारों और कारोबार पर असर पड़ सकता है। इस मामले में कई व्यापारिक संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
व्यापारी संगठनों ने पीएम, सीजेआई और राहुल गांधी से की अपील, ठप्प न हो जाए कारोबार (Photo: iStock)
व्यापारियों ने क्या मांग की?
न्यूज एजेंसी, पीटीआई (भाषा) की एक रिपोर्ट के अनुसार, व्यापारिक संगठनों ने कहा कि वे हर संगठन के विरोध करने के अधिकार का सम्मान करते हैं, लेकिन प्रदर्शन ऐसे तरीके से होने चाहिए, जिससे आम लोगों और कारोबारियों को परेशानी न हो। उन्होंने सरकार और प्रशासन से बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक क्षेत्रों और प्रमुख परिवहन मार्गों को जाम होने से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। वीकेंड पर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई थी। जगह-जगह बड़े पैमाने पर बैरिकेडिंग की गई और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई। इसके अलावा, 45 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए और कई सड़कों पर भी आवाजाही रोक दी गई।
ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में होती है परेशानी
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने बुधवार को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कारोबारियों की सुरक्षा और व्यापार करने की आजादी सुनिश्चित करने की अपील की। संगठन के मुताबिक, बाजारों में रुकावट आने से कारोबारियों की कमाई प्रभावित होती है। साथ ही, ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने और कर्मचारियों को काम पर जाने में परेशानी होती है।
संगठन ने कहा कि व्यापारी रोजगार पैदा करने और देश की आर्थिक तरक्की में अहम भूमिका निभाते हैं। बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों में रुकावट आने से उनकी आजीविका पर बुरा असर पड़ता है।
राहुल गांधी से प्रदर्शन वापस लेने की अपील
फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (FTII) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर एसआईआर (SIR) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को वापस लेने की अपील की। संगठन का कहना है कि नवरात्रि से छठ पूजा तक का समय कारोबारियों के लिए बेहद अहम होता है। इस दौरान देशभर में करोड़ों व्यापारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका कारोबार पर निर्भर करती है।
FTII के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय बंसल ने कहा कि इन प्रदर्शनों से कारोबारियों के बीच अनिश्चितता का माहौल बन रहा है और बाजारों की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। संगठन ने प्रदर्शनों के पीछे दिए जा रहे तर्कों पर भी सवाल उठाए।
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने भी राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा कि लगातार होने वाली राजनीतिक रैलियों से छोटे उद्योगों, दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों और दिहाड़ी मजदूरों को परेशानी हो रही है।
CJI से भी हस्तक्षेप की मांग
जयपुर व्यापार महासंघ ने राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा गया है कि राजनीतिक फायदे के लिए व्यापारियों के हितों को जोखिम में डाला जा रहा है। संगठन ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से भी प्रमुख आर्थिक मार्गों और व्यावसायिक क्षेत्रों में आवाजाही बाधित होने से रोकने की अपील की।
वहीं, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन (FAIDA) ने भी CJI को पत्र लिखा। संगठन ने त्योहारों के दौरान सड़क जाम, राजमार्गों पर रुकावट और बाजार बंद होने की घटनाओं पर चिंता जताई। उसका कहना है कि विरोध के अधिकार के साथ-साथ आम लोगों और कारोबारियों के हितों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
