पोस्ट ऑफिस MIS या बैंक FD: जानिए किसमें होगी ज्यादा कमाई?

Post Office MIS vs Bank FD: निवेश पर पोस्ट ऑफिस MIS (7.4% ब्याज) से बैंक FD (6.5%) के मुकाबले हर महीने कितनी आय मिलती है। अवधि और पात्रता के अनुसार चुनाव करें।

Post Office MIS vs Bank FD : सुरक्षित निवेश और हर महीने तय आमदनी (Monthly Income) की तलाश करने वाले निवेशकों के लिए फिक्स्ड इनकम ऑप्शन हमेशा से पसंदीदा रहे हैं। मौजूदा समय में शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को देखते हुए कई निवेशक अपने पैसे को बाजार जोखिम से दूर रखना पसंद कर रहे हैं। अगर आप जोखिम मुक्त तरीके से नियमित आय का जरिया बनाना चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस की 'मंथली इनकम स्कीम' (POMIS) और बैंकों की 'फिक्स्ड डिपॉजिट' (Bank FD) दो सबसे लोकप्रिय विकल्प हैं। आइए समझें कि निवेश पर किस विकल्प से आपको हर महीने ज्यादा फायदा मिलेगा।

Post Office MIS vs Bank FD

पोस्ट ऑफिस MIS या बैंक FD, जानिए कौन है सबसे बेहतर!

ब्याज दर और मंथली इनकम का पूरा गणित

अगर आप पोस्ट ऑफिस MIS में 9 लाख रुपये का निवेश करते हैं, तो सरकार की ओर से फिलहाल 7.4% सालाना ब्याज दर दी जा रही है। इस दर के हिसाब से आपको हर महीने टैक्स कटने से पहले 5,550 रुपये की नियमित आय मिलेगी। इसका मतलब है कि एक साल में आपकी कुल ब्याज आय 66,600 रुपये होगी। दूसरी तरफ अगर किसी बैंक की सामान्य FD में 9 लाख रुपये जमा किए जाएं, जहां मान लीजिए कि ब्याज दर 6.5% सालाना है, तो आपको हर महीने करीब 4,875 रुपये का ब्याज (टैक्स से पहले) मिलेगा। इस हिसाब से बैंक FD से आपकी सालाना ब्याज आय 58,500 रुपये होगी। इन दोनों की तुलना करें तो पोस्ट ऑफिस MIS आपको बैंक FD (6.5% दर पर) की तुलना में हर महीने ₹675 अधिक यानी साल भर में ₹8,100 की अतिरिक्त कमाई देता है।

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