दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में कई लोगों को कन्फर्म टिकट के बजाय RAC या वेटिंग टिकट मिलता है। लेकिन इन दोनों टिकटों के नियम अलग-अलग हैं। RAC यानी Reservation Against Cancellation टिकट पर यात्री ट्रेन में सफर कर सकता है, जबकि पूरी तरह वेटिंग में रह गए ऑनलाइन ई-टिकट पर चार्ट बनने के बाद यात्रा करने की अनुमति नहीं होती। इसलिए यात्रा से पहले अपने टिकट का स्टेटस जरूर चेक करें।
ट्रेन में बैठने से पहले जान लें रेलवे का यह वेटिंग टिकट नियम
RAC टिकट पर कर सकते हैं यात्रा
अगर आपके टिकट पर RAC लिखा है, तो आप ट्रेन में चढ़कर सफर कर सकते हैं। हालांकि, RAC टिकट पर शुरुआत में पूरी सोने वाली बर्थ मिलना जरूरी नहीं है। आमतौर पर दो RAC यात्रियों को एक साइड लोअर बर्थ पर बैठने की जगह दी जाती है। अगर यात्रा के दौरान कोई कन्फर्म यात्री नहीं आता या बर्थ खाली होती है, तो रेलवे के नियमों और प्राथमिकता के अनुसार RAC यात्री को पूरी बर्थ मिल सकती है।
ऑनलाइन वेटिंग टिकट पर ध्यान दें
अगर आपने IRCTC से ऑनलाइन ई-टिकट बुक किया है और चार्ट बनने के बाद भी टिकट पूरी तरह वेटिंग में रहता है, तो ऐसे यात्रियों के नाम रिजर्वेशन चार्ट से हटा दिए जाते हैं। इस स्थिति में उस टिकट पर आरक्षित डिब्बे में यात्रा नहीं कर सकते। टिकट नियमों के अनुसार अपने आप कैंसिल हो जाता है और रिफंड की प्रक्रिया होती है। वहीं, काउंटर से खरीदे गए वेटिंग टिकट के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए ऑनलाइन और काउंटर टिकट को एक जैसा न समझें।
चार्ट बनने के बाद जरूर चेक करें स्टेटस
कई बार दूसरे यात्रियों के टिकट कैंसिल करने से वेटिंग टिकट RAC या कन्फर्म हो सकता है। इसलिए यात्रा से पहले PNR स्टेटस चेक करें। सिर्फ बुकिंग के समय मिले स्टेटस के आधार पर फैसला न लें। अगर टिकट कन्फर्म हो जाता है, तो आपको नियमानुसार बर्थ मिलती है। RAC रहने पर भी आप सफर कर सकते हैं, लेकिन पूरी बर्थ की गारंटी नहीं होती।
काउंटर से लिया वेटिंग टिकट तो क्या होगा?
अगर आपने रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से वेटिंग टिकट लिया है और चार्ट बनने तक टिकट कन्फर्म नहीं होता, तो आपका टिकट ऑनलाइन ई-टिकट की तरह अपने आप कैंसिल नहीं होता। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आप वेटिंग टिकट पर रिजर्व स्लीपर या AC कोच में यात्रा कर सकते हैं। अगर टिकट कन्फर्म नहीं हुआ है, तो आप सामान्य तौर पर ट्रेन के अनारक्षित (जनरल) कोच में सफर कर सकते हैं। रिजर्व कोच में जाने पर टीटीई आपको नियमों के अनुसार रोक सकता है या जुर्माना लग सकता है। इसलिए यात्रा से पहले टिकट का स्टेटस जरूर जांचें और जरूरत पड़ने पर जनरल टिकट लेकर सफर करें।RAC टिकट कैंसिल कराने के नियम जानें
अगर आपका टिकट RAC है और आप यात्रा नहीं करना चाहते, तो लागू रेलवे नियमों के अनुसार ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक इसे कैंसिल कराने पर रिफंड मिल सकता है। आम तौर पर प्रति यात्री ₹60 क्लर्केज चार्ज काटा जाता है और लागू नियमों के अनुसार टैक्स भी लग सकता है। टिकट कैंसिल करने से पहले अपने टिकट की श्रेणी और रिफंड नियम जरूर जांचें।
खाली बर्थ मिलने पर RAC टिकट हो सकता है कन्फर्म
अगर किसी कन्फर्म यात्री की बर्थ खाली रह जाती है या यात्रा के दौरान बर्थ उपलब्ध होती है, तो टीटीई नियमों के मुताबिक RAC यात्रियों को बर्थ आवंटित कर सकते हैं। हालांकि, बर्थ मिलने की गारंटी नहीं है। टिकट बुक करते समय उपलब्ध हो तो VIKALP विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं, जिससे दूसरी ट्रेन में जगह मिलने की संभावना हो सकती है। त्योहारों के समय रेलवे की स्पेशल ट्रेनों की जानकारी भी चेक करते रहें।
