दिवाली-छठ पर घर जाने के लिए मिला है वेटिंग टिकट? ट्रेन में बैठने से पहले जानें ​रेलवे का यह नियम

दिवाली और छठ पर घर जाने के लिए कन्फर्म ट्रेन टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कई यात्रियों के पास RAC या वेटिंग टिकट होता है। ऐसे में आईये जानते हैं वेटिंग टिकट के लिए क्या हैं रेलवे के नियम?

दिवाली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में कई लोगों को कन्फर्म टिकट के बजाय RAC या वेटिंग टिकट मिलता है। लेकिन इन दोनों टिकटों के नियम अलग-अलग हैं। RAC यानी Reservation Against Cancellation टिकट पर यात्री ट्रेन में सफर कर सकता है, जबकि पूरी तरह वेटिंग में रह गए ऑनलाइन ई-टिकट पर चार्ट बनने के बाद यात्रा करने की अनुमति नहीं होती। इसलिए यात्रा से पहले अपने टिकट का स्टेटस जरूर चेक करें।

Indian Railway Rules

ट्रेन में बैठने से पहले जान लें रेलवे का यह वेटिंग टिकट नियम

RAC टिकट पर कर सकते हैं यात्रा

अगर आपके टिकट पर RAC लिखा है, तो आप ट्रेन में चढ़कर सफर कर सकते हैं। हालांकि, RAC टिकट पर शुरुआत में पूरी सोने वाली बर्थ मिलना जरूरी नहीं है। आमतौर पर दो RAC यात्रियों को एक साइड लोअर बर्थ पर बैठने की जगह दी जाती है। अगर यात्रा के दौरान कोई कन्फर्म यात्री नहीं आता या बर्थ खाली होती है, तो रेलवे के नियमों और प्राथमिकता के अनुसार RAC यात्री को पूरी बर्थ मिल सकती है।

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