Gold-Silver Price Today : देश के सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में लगातार भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख, डॉलर में मजबूती और भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों द्वारा कीमती धातुओं में मुनाफावसूली और बिकवाली करने से सोना और चांदी दोनों की चमक फीकी पड़ी है। पिछले 24 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो निवेशकों को बड़ा झटका लगा है, जहां चांदी में 30,000 रुपये तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं सोने के दाम भी काफी नीचे आ चुके हैं।
सोने और चांदी में बड़ी गिरावट
24 दिनों में कितनी घटी सोने और चांदी की कीमत
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक 30 सितंबर को 99.9 प्रतिशत शुद्धता (24 कैरेट) वाले सोने की कीमत 1,47,888 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो 23 अक्टूबर को घटकर 1,41,630 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। इस तरह महज 24 दिनों के भीतर सोना 6,258 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया है। इसके अलावा, 22 कैरेट सोने के दाम भी 30 सितंबर को 1,35,915 रुपये प्रति 10 ग्राम थे, जो 23 अक्टूबर को गिरकर 1,29,566 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गए यानी इसमें 6,349 रुपये की कमी आई है।
दूसरी ओर चांदी की कीमतों में और भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। 30 सितंबर का 2,20,435 रुपये किलो थी, जो 23 सितंबर को 1,94,415 रुपये किलो हो गई, यानी 24 दिन में चांदी 26020 रुपये सस्ती हुई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, दिल्ली में 30 सितंबर के बाद से अब तक चांदी की कीमतों में करीब 30,000 रुपये (करीब 13 प्रतिशत) की भारी गिरावट आ चुकी है। जिंस बाजार में व्यापक बिकवाली के कारण चांदी पर लगातार दबाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की हाजिर कीमत गिरकर 53.83 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है।
पिछले कारोबारी सत्र में सोने-चांदी का भाव
वैश्विक बाजारों के सुस्त रुख, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मजबूत डॉलर के प्रभाव से दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी दोनों में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, चांदी की कीमत 5,500 रुपये की भारी गिरावट के साथ 2,02,000 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई, जबकि पिछले सत्र में इसका भाव 2,07,500 रुपये प्रति किलोग्राम था। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,900 रुपये टूटकर 1,46,100 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर बंद हुआ, जबकि इससे पिछले दिन इसका भाव 1,48,000 रुपये प्रति 10 ग्राम था। वैश्विक बाजार में हाजिर सोना एक समय 4,000 डॉलर प्रति औंस से नीचे चला गया था, हालांकि बाद में इसमें आंशिक सुधार देखा गया और यह 4,024.37 डॉलर प्रति औंस के आसपास स्थिर कारोबार करता नजर आया।
वायदा बाजार में भी दिखा मंदी का रुख
हाजिर बाजार की तरह वायदा कारोबार (Futures Market) में भी निवेशकों की कमजोर मांग और बिकवाली के कारण सुस्ती छाई रही। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाले चांदी का कॉन्ट्रैक्ट 4,191 रुपये यानी 2.1 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ 1,95,408 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर न्यूयॉर्क में भी चांदी 1.01 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 54.01 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी। वायदा कारोबार में सोने की कीमत 1,230 रुपये यानी 0.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,42,079 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। न्यूयॉर्क में वैश्विक स्तर पर सोना 0.26 प्रतिशत की नरमी के साथ 4,014.23 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज किया गया। जानकारों का मानना है कि कमजोर हाजिर मांग के कारण सटोरियों ने अपने सौदों के आकार को घटाया है, जिससे वायदा कीमतों पर असर पड़ा है।
बाजार एक्सपर्ट्स की क्या है राय?
जिंस बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा मंदी के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक चॉइस ब्रोकिंग की जिंस एक्सपर्ट्स पिंकी यादव के अनुसार, शेयर बाजार में व्यापक बिकवाली के बीच निवेशकों ने टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए कीमती धातुओं में अपनी हिस्सेदारी बेची है। इसके अलावा, डॉलर में मजबूती, बॉन्ड यील्ड (प्रतिफल) में वृद्धि और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण महंगाई की आशंकाओं को बल मिला है। इससे कच्चे तेल के दाम बढ़कर करीब 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ जिंस एक्सपर्ट्स सौमिल गांधी ने कहा कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतें गिरकर जुलाई की शुरुआत के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि इन तमाम वैश्विक वजहों से ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बने रहने की संभावना है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल पर पड़ सकता है।
