दुबई से मोहभंग, भारत पर बढ़ा भरोसा! ईरान संकट से NRI निवेशकों की पहली पसंद अब इंडियन प्रॉपर्टी मार्केट

ईरान युद्ध भले ही थम जाए लेकिन दुबई की बिगड़ी छवि वापस आने में काफी वक्त लग सकता है। दुनियाभर के निवेशकों के लिए पसंदीदा रहा दुबई, शायद ही ईरान के हमले से उबरकर फिर वो मुकाम हासिल कर लें। आपदा में अवसर ही सही, भारतीय प्रॉपर्टी मार्केट के लिए यह अच्छी खबर है।

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग जल्द खत्म खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है। ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत करने और किसी समझौते पर पहुंचने के लिए सहमति जताई है। अगर यह युद्ध खत्म होता है तो भारत समेत पूरी दुनिया को बड़ी राहत मिलेगी। कच्चे तेल की कीमतें कम होंगी और होर्मुज स्ट्रेट खुलने से सप्लाई चेन बेहतर होगी। लेकिन इस युद्ध से दुबई को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई शायद ही अगले कुछ सालों में हो पाए। विशेषज्ञों का कहना हे कि ईरान के दुबई पर हमले से उसका 'सेफ सिटीज' का टैग खत्म हो गया है। इस नुकसान की भरपाई दुबई के लिए करना आसान नहीं होगा। दुबई जो भारतीय NRI निवेशकों की पहली पसंद बना था, अब नहीं रह जाएगा। इसका फायदा इंडियन प्रॉपर्टी मार्केट को होगा। आइए समझते हैं कि कैसे ईरान युद्ध ने दुबई की पूरी तस्वीर बदल दी है और भारतीय रियल्टी मार्केट के लिए बड़े मौके खोल दिए हैं।

Dubai Vs India

दुबई बनाम भारत का रियल एस्टेट मार्केट

दुबई की प्रॉपर्टी मांग और कीमत में बड़ी गिरावट

ईरान युद्ध् का दुबई की अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ा है। फरवरी के आखिर में अबतक दुबई का रियल एस्टेट इंडेक्स कथित तौर पर लगभग 32% गिर गया है। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है आने वाले दिनों में प्रॉपर्टी की कीमतें 30-40% तक गिर सकती हैं। दुबई पर हमले से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है। दुबई का रियल एस्टेट बाजार एक साथ दो झटक लगा है। अभी लगभग 3.85 लाख यूनिट्स का कंस्ट्रक्शन चल रहा है, जिनमें से लगभग 80% के 2026 और 2028 के बीच डिलीवर होने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान युद्ध से 'सेफ-हेवन' (सुरक्षित ठिकाना) का टैग खत्म हो गया है। Citi Research ने कहा कि कमजोर मांग वाले माहौल में कीमतों में गिरावट का जोखिम काफी ज्यादा हो सकता है।

End of Feed