35 लाख उपभोक्ताओं तक पहुंची भारत टैक्सी, अब वडोदरा में शुरू होगी सेवा

गुजरात में अहमदाबाद और सूरत में मिली सफलता के बाद अब भारत टैक्सी वडोदरा में अपना परिचालन शुरू करने जा रही है। वर्तमान में गुजरात के 1 लाख ड्राइवर्स सहित देशभर में 6 लाख से अधिक सारथी जुड़े हुए हैं।

देश में डेयरी क्षेत्र में अमूल की दूध क्रांति के बाद अब मोबिलिटी (परिवहन) सेक्टर में एक बड़ी डिजिटल सहकारी क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। गुजरात की सड़कों पर दौड़ रही 'भारत टैक्सी' महज तीन महीनों के भीतर 35 लाख से अधिक यूजर्स और 6 लाख से अधिक सारथियों (ड्राइवर्स) के नेटवर्क के साथ दुनिया की सबसे बड़ी मोबिलिटी कोऑपरेटिव (सहकारी संस्था) बनकर उभरी है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा 5 फरवरी को 'भारत टैक्सी' लॉन्च की गई थी। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे जुड़े ड्राइवर्स किसी कॉर्पोरेट कंपनी के कर्मचारी नहीं, बल्कि इस मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के खुद मालिक हैं।

Bharat Taxi

भारत टैक्सी

बिना कमीशन का 'अमूल मॉडल'

भारत टैक्सी के चेयरमैन और अमूल के प्रबंध निदेशक (MD) जयेन मेहता के अनुसार, भारत टैक्सी ने 'ड्राइवर-ओन्ड मॉडल' को धरातल पर उतारा है, जिसमें राइड की 100% कमाई बिना किसी कॉर्पोरेट कटौती या कमीशन के सीधे ड्राइवर्स (सारथियों) के खातों में जाती है। यह मॉडल वैश्विक स्तर पर सहकारिता का एक नया बेंचमार्क स्थापित कर रहा है। पारंपरिक कैब एग्रीगेटर कंपनियों के भारी-भरकम कमीशन से परेशान ड्राइवर्स के लिए यह प्लेटफॉर्म वरदान साबित हो रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत टैक्सी से जुड़ने के बाद एक औसत सारथी की मासिक आय में 25% से 30% तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

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