नई दिल्ली। महाराष्ट्र में नतीजों के आने के बाद स्थिति साफ नहीं हुई है कि बीजेपी और शिवसेना किस तरह से सरकार का गठन करेंगे। शिवसेना जहां एक तरफ 50-50 फॉर्मूले को लागू करने की बात कह रही है वहीं बीजेपी इस मुद्दे पर चुप है। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि दिवाली के बाद सरकार बनाने की प्रक्रिया पर आगे बढ़ा जाएगा। लेकिन शिवसेना लगातार 50-50 फॉर्मूले की राग अलाप रही है।
महाराष्ट्र में आगे की तस्वीर क्या होगी यह जानना दिलचस्प है। लेकिन आरपीआई के अध्यक्ष रामदास अठावले ने कहा कि पांच साल के लिए डिप्टी सीएम पद पर शिवसेना को मान जाना चाहिए। अठावले कहते हैं कि उन्हें नहीं लगता है कि बीजेपी 2.5-2.5 साल के लिए सीएम पद पर मानेगी। लेकिन डिप्टी सीएम का पद शिवसेना को दिया जा सकता है। अठावले अपने नीति को बताते हुए कहते हैं जनादेश दोनों दलों के पक्ष में है। ये बात सच है कि एनडीए को उतनी सीटें नहीं मिलीं।लेकिन जनता ने एनडीए में ही भरोसा जताया है। जहां तक सीएम पद पर दावे की बात है तो बीजेपी का दावा ज्यादा माकूल है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे को देखें तो बीजेपी के खाते में 105 सीटें, शिवसेना के खाते में 56 सीटें आई हैं। चुनाव में जाने से पहले दोनों दलों में 150 और 124 सीटों पर सहमति बनी थी। अगर नतीजों को देखें तो 2014 की तुलना में दोनों दलों को कम सीटें मिली हैं। ये बात अलग है कि बीजेपी ने कहा था कि अगर आप 2014 की बात करें तो बीजेपी 250 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। लेकिन इस दफा महज 150 सीटों पर चुनाव लड़ने के बाद उसके खाते में 70 फीसद से ज्यादा सीटें मिली हैं।