नई दिल्ली। सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती पर देश उन्हें याद कर रहा है। उनकी जयंती को देश राष्ट्रीय एकता और अखंडता दिवस के तौर पर मनाया जा रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने केवड़िया में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। सरदार पटेल की याद में देश भर में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया जा रहा है। सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने के बाद पीएम मोदी ने एकता परेड की सलामी ली और लोगों को शपथ दिलाई।
इस अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि जो लोग युद्ध नहीं लड़ या जीत सकते हैं वो भारत की एकता को चुनौती दे रहे हैं। लेकिन देश की 130 करोड़ जनता सभी तरह की चुनौतियां का सामना करने के लिए तैयार है।
केवड़िया में पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण के कुछ खास अंश
- पीएम मोदी ने कहा कि अगर हम बात उत्तर पूर्व के अलगाव की करें तो अब वहां भी बदलाव नजर आ रहा है। अब वहां का अलगाव, लगाव में बदल रहा है। भारत सरकार की स्पष्ट सोच है कि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं होनी चाहिए जिसमें अलगाववाद का बोध हो। इसलिए सरकार की मंशा है कि विविधताओं को संजोते हुए हम एकता की न सिर्फ बात करें बल्कि उस दिशा में जो जहां हो अपने अधिकारों के साथ साथ कर्तव्यों का भी पालन करे।
- जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा कि सरदार साहब आप का जो सपना था उसे पूरा किया गया है। अनुच्छेद 370 की स्थाई दीवार को गिरा दी गई है। उन्होंने कहा कि इस स्थायी दीवार से जम्मू-कश्मीर के लोग मुख्यधारा से अलग रहे। यही नहीं करीब 40 हजार लोगों को जान गंवानी पड़ी। लेकिन अब ऐसा नहीं है। घाटी में विकास की धारा जिसको बहाने की जरूरत थी उसे अब साकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत की एकता पर नापाक नजर डालेंगे उसे कुचल दिया जाएगा।
- केवड़िया में पीएम मोदी ने कहा कि जो हमसे युद्ध नहीं लड़ सकते हैं वो हमारी एकता को चुनौती दे रहे हैं। लेकिन कुछ बात तो है जिसकी वजह से हमारी हस्ती नहीं मिटती है। वो इस मौके पर देश को आशवस्त करना चाहते हैं कि हम देश की प्रगति के लिए आने वाली सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं।
- पीएम मोदी ने कहा कि जब आज हम सरदार पटेल को याद कर रहे हैं तो एक शख्स की याद बरबस याद आती है। हम शताब्दियों पहले चाणक्य के उस योगदान को कैसे भूल सकते हैं जिन्होंने अखंड भारत के सपने को साकार किया। अंग्रेजों की गुलामी के बाद सरदार पटेल वो चेहरा बने जिन्होंने देश को एकसूत्र में बांधा।
- पीएम मोदी ने कहा कि अलग अलग तरह के संकटों के बाद भी इस देश की खासियत एकता की रही है। उन्होंने खेल का उदाहरण देते हुए कहा कि भले ही हम छोटे स्तर पर जीतते या हारते हैं। लेकिन जब बात देश की आती है तो उठ खड़ा होता है। देश की विविधता ही हमारा सामार्थ्य है।
- पीएम मोदी ने कहा कि पटेल का एक एक शब्द आज भी महत्वपूर्ण है। अगर हम देखें तो विविधता में विरोधाभास नहीं है। विविधता ही भारत की विशेषता है।
- हम लोगों ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के विचार अभी सुनें, उनकी आवाज हमारे कानों में गूंजना, उनके विचारों की वर्तमान में महत्ता, प्रतिपल देश की एकता और अखंडता के बारे में सोचना। उनकी वाणी में जो शक्ति थी और उनके विचारों में जो प्रेरणा था उसे हर हिंदुस्तानी महसूस कर सकता है: पीएम मोदी
- केवड़िया में एनएसजी के कमांडों अपने शौर्य का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही एनडीआरएफ और गुजरात राज्य पुलिस के जवानों ने दिखाया कि अगर किसी दुश्मन की गलत निगाह देश के किसी हिस्से पर पड़ी तो उसे कुतल दिया जाएगा।
- केवड़िया में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जिसमें देश भर के लोग शामिल हुए हैं। सरदार पटेल को इस कार्यक्रम के जरिए अलग अलग रूपों में याद किया जा रहा है।
- सरदार पटेल के जन्मदिन को एकता दिवस के रूप में मना रहा है। जिस तरह से आजादी के बाद सरदार पटेल ने कूटनीति के जरिए करीब 562 रियासतों का एकीकरण भारतीय संघ में कराया उसे देश ही नहीं बल्कि दुनिया भी याद करती है। भारतीय रियासतों के एकीकरण में जूनागढ़, ट्रावनकोर, हैदराबाद और जम्मू-कश्मीर खास जगह रखता है।
- हर एक रियासत के एकीकरण की अपनी कहानी है। हैदराबाद का निजाम, ट्रावनकोर का राज अपने आपको आजाद रखने का सपना संजो रहे थे। लेकिन सरदार पटेल ने अनुनय विनय के साथ शक्ति दिखाई और दोनों रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण हो गया।
एक नजर में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
- सात किमी दूर से दिखती है स्टैच्यू ऑफ यूनिटी
- कंधे की ऊंचाई 140 फीट, चेहरे की ऊंचाई 70 फुट
- पैर और हाथ की ऊंचाई 80 और 70 फुट
- पूरी मूर्ति का वजन करीब 1700 टन
- राम वी सुतार ने बनाई थी प्रतिमा
- मूर्ति बनाने में करीब 3 हजार करोड़ रुपए का खर्च
- 33 महीने में प्रतिमा बनकर हुई थी तैयार, पूरे देश से मंगाया गया था लोहा।
- पिछले साल पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रतिमा का उद्घाटन किया था।
इस मौके पर दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि ये बात सच है कि वल्लभ भाई पटेल को जितना सम्मान मिलना चाहिए था वो नहीं मिला था। लेकिन पीएम मोदी जब गुजरात के सीएम थे उस वक्त उन्होंने सरदार पटेल की जयंती को एकता दिवस के तौर पर मनाना शुरू किया। देश का जो भौगौलिक रूप हम देख रहे हैं उसके लिए हम सब उनके प्रति कृतज्ञ हैं।