नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 में आखिरी बार रेडियो के जरिए देशवासियों से 'मन की बात' की। पीएम मोदी ने कहा कि हम नए दशक में प्रवेश करने वाले हैं। आप लोगों को नए साल की शुभकानाएं। 21वीं सदी जिनका जन्म हुआ, उनकी भूमिका अगले दशक में अहम है। पीएम मोदी ने देशवासियों को नव वर्ष की बधाई दी। 'मन की बात' कार्यक्रम का यह 60वां एपिसोड है। पिछले कार्यकर्म में उन्होंने विभिन्न मुद्दों के बीच 'फिट इंडिया मूवमेंट' से लेकर 'प्लास्टिक मुक्त भारत' और अयोध्या मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक का जिक्र किया था। युवाओं के बीच फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए सीबीएसई द्वारा एक दिलचस्प पहल की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने स्कूलों से दिसंबर में 'फिट इंडिया वीक' का अनुपालन करने का आग्रह किया था।
Mann Ki Baat Updates: -
- पीएम मोदी ने कहा कि इन दिनों हमारे देश के युवा सही व्यवस्था को पसंद करते हैं, वे सिस्टम को फोलो करते हैं। युवाओं को अराजकता के प्रति नफरत है। अव्यवस्था, अराजकता के प्रति उन्हें चिढ़ है। जातिवाद, परिवारवाद जैसी अव्यवस्था को वो पसंद नहीं करते हैं।
- पीएम मोदी ने कहा कि देश के युवाओं को आराजकता से नफरत है। आज के युवा जात-पात से ऊंचा सोचते हैं। युवा परिवारवाद और जातिवाद को पसंद नहीं करते हैं। विवेकानंद ने युवा पीढ़ी पर विश्वास जताया था।
-स्वामी विवेकानंद जी कहते थे कि युवावस्था की कीमत को न आंका जा सकता है। ये जीवन का सबसे मूल्यवान कालखंड होता है। आपका जीवन इस पर निर्भर करता है कि आप अपनी युवावस्था का उपयोग किस प्रकार करते हैं।
-पीएम मोदी ने कहा कि आपको जानकार अच्छा लगेगा कि हिमायत कार्यक्रम के अंतर्गत पिछले 2 साल में 18 हजार युवाओं को अलग -अलग ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें से करीब 5 हजार लोग तो अलग अलग जगह जॉब कर रहे हैं और बहुत सारे स्वरोजगार की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
- पीएम मोदी ने कहा कि हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि देश के नागरिक आत्मनिर्भर बनें और सम्मान के साथ अपना जीवन व्यापन करें। मैं एक ऐसी पहल की चर्चा करना चाहूंगा। वो पहल है जम्मू-कश्मीर का 'हिमायत' कार्यक्रम। हिमायत कार्यक्रम स्किल डेवलपमेंट और रोजगार से जुड़ा है।
- पीएम मोदी ने कहा कि क्या हम संकल्प ले सकते हैं कि 2022 तक जब आजादी के 75 वर्ष पूरे होंगे, इन 2-3 साल हम स्थानीय उत्पाद खरीदने के आग्रही बनें? भारत में बना, जिसमें हमारे देशवासियों के पसीने की महक हो, ऐसी चीजों को खरीदने का हम आग्रह कर सकते हैं क्या?
- पीएम ने कहा कि पिछले 6 महीने में, 17वीं लोकसभा के दोनों सदन बहुत ही प्रोडक्टिव रहे हैं। लोकसभा ने 114% काम किया, तो राज्यसभा ने 94% काम किया। मैं दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों, सभी राजनैतिक दलों और सभी सांसदों को उनकी सक्रिय भूमिका के लिये बधाई देना चाहता हूं।
-पीएम मोदी ने भारत में खगोल-विज्ञान का बहुत ही प्राचीन और गौरवशाली इतिहास रहा है। आकाश में टिमटिमाते तारों के साथ हमारा संबंध उतना ही पूराना है जितनी हमारी सभ्यता। आर्यभट ने सूर्य-ग्रहण, चन्द्र-ग्रहण की विस्तार से व्याख्या की है। भास्कर जैसे उनके शिष्यों ने इस नॉलेज को आगे बढ़ाने के प्रयास किये। केरल में, संगम ग्राम के माधव, इन्होंने ब्रहमाण्ड में मौजूद ग्रहों की स्थिति की गणना करने के लिए कलकुलस का उपयोग किया।
- पीएम मोदी ने कहा कि इसरो के पास एस्ट्रोसैट नाम का एक एस्ट्रोनॉमिकल सैटेलाइट है। सूर्य पर रिसर्च करने के लिए इसरो 'आदित्य' के नाम से एक दूसरा सैटेलाइट भी लॉन्च करने वाला है। खगोल विज्ञान को लेकर चाहे हमारा प्राचीन ज्ञान हो या आधुनिक उपलब्धियां, हमें इन्हें अवश्य समझना चाहिए।
- पीएम मोदी ने कहा कि मैंने 15 अगस्त को लालकिले से देशवासियों से एक आग्रह किया था और देशवासियों से अपने आसपास बने सामान खरीदने का आग्रह किया था। आज फिर से मेरा सुझाव है कि क्या हम स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को प्रोत्साहन दे सकते हैं? क्या उन्हें अपनी खरीदारी में स्थान दे सकते हैं?
- पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वदेशी की इस भावना को एक ऐसे दीपक के रूप में देखा जो लाखों के जीवन को रोशन करता हो। गरीब से गरीब के जीवन में समृद्धि लाता हो। सौ साल पहले गांधी जी ने एक बड़ा जन आन्दोलन शुरु किया। इसका एक लक्ष्य था भारतीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना।
- पीएम मोदी ने कहा कि हम अलग-अलग कॉलेजों में, यूनिवर्सिटीज में और स्कूल्स में पढ़ते तो हैं, लेकिन पढ़ने के बाद अलुमनी मीट एक बहुत सुहाना अवसर है। इस अवसर पर सभी नौजवान पुरानी यादों में खो जाते हैं, इसका एक अलग ही आनंद है। मुझे विश्वास है कि भारत में ये दशक न सिर्फ युवाओं के विकास के लिए होगा बल्कि युवाओं के सामर्थ्य से देश का विकास करने वाला भी साबित होगा। भारत को आधुनिक बनाने में युवा पीढ़ी की बहुत बड़ी भूमिका होने वाली है।
- पीएम मोदी ने कहा कि 2019 की विदाई के पल हमारे समाने हैं, अब हम न सिर्फ नए साल में प्रवेश करेंगे, बल्कि नए दशक में प्रवेश करेंगे। इसमें देश के विकास को गति देने में वे लोग सक्रिय भूमिका निभाएंगे, जिनका जन्म 21वीं सदी में हुआ है।