- बीजेपी के पास 105 विधायक और 10 से ज्यादा निर्दलीय विधायकों का समर्थन है हासिल
- शिवसेना के पास 56 विधायक, आधे टर्म के लिए सीएम पद पर अड़ी
- महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा है 145, विधानसभा में कुल 288 सीट
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना के बीच 50-50 पर पेंच फंसी है। एक तरफ बीजेपी का कहना है कि इस फॉर्मूले पर बातचीत हुई थी। लेकिन इस पर किसी तरह का फैसला नहीं हुआ था। ये बात अलग है कि शिवसेना का कहना है कि बीजेपी नेता इस सत को कबूल नहीं कर रहे हैं। अगर ऐसा है तो जबान की कीमत क्या होती है। इन सबके बीच शिवसेना ने एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता चुना है। शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे की अगुवाई में शाम में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलेंगे।
बुधवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक में देवेंद्र फडणवीस को नेता चुना गया। इस मौके पर फडणवीस ने भी कहा था कि जनादेश बीजेपी और शिवसेना गठबंधन के लिए था और हम मिलकर सरकार बनाएंगे। इन सबके बीच शिवसेना ने अपने विधायकों की बैठक शुक्रवार को बुलाई थी। लेकिन अभी तक बैठक नहीं शुरू हुई है।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत का कहना है कि वो 50-50 फॉर्मूले पर कायम हैं और पार्टी पीछे नहीं हटेगी। इस विषय पर सहयोगी दल पीछे हट चुकी है। हम अपनी मांग पर पहले की तरह कायम हैं। शिवसेना पहले ही साफ कर चुकी है कि चुनाव से पहले जो वादे किए गए थे उसे निभाने का समय आ चुका है।
महाराष्ट्र में सरकार बनाने की कवायद के बीच आरपीआई नेता रामदास अठावले का कहना है कि जनादेश बीजेपी-शिवसेना गठबंधन के लिए हैं। देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुना गया है। आरपीआई ने फैसला किया है कि सीएम के लिए फडणवीस के नाम का समर्थन करेंगे क्योंकि उनके सामने वो ही इकलौते दावेदार हैं। राम दास अठावले का कहना है कि उनकी पार्टी की सोच स्पष्ट है सत्ता ऐसे शख्स के हाथ में होनी चाहिए जो पांच वर्ष के कार्यकाल को पूरा करे।