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UP Board Result 2022: इसी हफ्ते घोषित हो सकता है यूपी बोर्ड का रिजल्ट? बैठक में सीएम योगी ने दिए निर्देश

Updated Jun 16, 2022 | 05:33 IST

UP Board 10th and 12th Result 2022: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के अधिकारियों के साथ 10वीं और 12वीं रिजल्ट को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अहम बैठक करते हुए रिजल्ट में देरी होने पर चिंता व्यक्त की।

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UP Board 10th and 12th Result Date 2022
तस्वीर साभार:&nbspPTI
UP Board Result Date 2022
मुख्य बातें
  • पहली बार बिना रिएग्जामिनेशन के पूर्ण हुई बोर्ड परीक्षा।
  • अब लाखों छात्रों को बेसब्री से है यूपी बोर्ड के नतीजों का इंतजार।
  • रिजल्ट को लेकर यूपी बोर्ड के अधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री ने की बैठक।

UPMSP UP Board Result 2022 Date: यूपी बोर्ड का रिजल्ट इसी हफ्ते घोषित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में कहा है कि यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा परिणाम की प्रतीक्षा होगी। ऐसे में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम समय से जारी कर दिया जाए। इसकी पूर्व सूचना अभिभावकों/परीक्षार्थियों को जरूर दी जाए। प्रदेश सरकार ने परीक्षा को शुचिता और पारदर्शिता के साथ सम्पन्न कराया। पहली बार बोर्ड परीक्षा बिना रिएग्जामिनेशन के पूर्ण हुई है।

यूपी बोर्ड की सत्र 2021-22 की परीक्षा मार्च और अप्रैल के महीने में सम्पन्न हुई थी। उत्तर प्रदेश बोर्ड ने 24 मार्च से 13 अप्रैल तक 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की थी। वहीं, कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा का आयोजन 24 मार्च से 13 अप्रैल, 2022 तक किया गया था। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के लिए 51,92,689 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, इनमें से 47,75,749 छात्रों ने परीक्षा में भाग लिया था। बोर्ड ने कॉपियों का मूल्यांकन पूरा कर रिजल्ट तैयार कर लिया है।

हाईस्कूल परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड 27,81,654 छात्रों में 15,53,198 लड़के और 12,28,456 लड़कियां शामिल हैं, जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड 24,11,035 छात्रों में 13,24,200 लड़के और 10,86,835 लड़कियां शामिल हैं।

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गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने बोर्ड परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगे थे। सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे। इसी का नतीजा था कि बोर्ड परीक्षा पहली बार बिना रिएग्जामिनेशन के हुई। साथ ही परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई भी की गई। तत्कालीन डायरेक्ट को निलंबित किया गया और बलिया के डीआईओएस को जेल जाना पड़ा था।

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बीते साल कोरोना के कारण नहीं हुई थी परीक्षा:
बीते साल कोरोना महामारी के संकट के कारण यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी थीं। कक्षा 9 की वार्षिक परीक्षा और कक्षा 10 की इंटरनल परीक्षा में छात्रों के प्राप्त अंकों के आधार पर 10वीं का अंतिम परिणाम तैयार किया गया।

वहीं, 12वीं का परिणाम तैयार करने के लिए छात्रों के कक्षा 10वीं, कक्षा 11वीं और कक्षा 12वीं के इंटरनल अंकों को आधार बनाया गया है। कक्षा 10वीं में 99.52 फीसदी और कक्षा 12 में 97.88 फीसदी छात्र पास हुए थे।

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