ट्रंप चाहते हैं कि मदुरो गद्दी छोड़ें। तस्वीर-AP
Venezuela regime change : कैरेबियाई देश वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर कड़े होते जा रहे हैं। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो का ताजा बयान ट्रंप को चिढ़ाने जैसा है। काराकास में लोगों को संबोधित करते हुए मुदरो ने कहा कि 'हमें गुलामों की शांति नहीं चाहिए और न ही हम उपनिवेश की शांति चाहते हैं।' दरअसल, वेनेजुएला में रि-जीम चेंज के लिए ट्रंप ने जितने भी कदम उठाए हैं, वे कारगर साबित नहीं हो रहे हैं। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक यह देखते हुए ट्रंप ने सोमवार शाम ओवल ऑफिस में राष्ट्रीय सुरक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अपने सहयोगियों के साथ बैठक की। समझा जाता है कि इस बैठक में मदुरो पर नए सिरे से दबाव बनाने के लिए रणनीतियों पर चर्चा हुई। वेनेजुएला को लेकर ट्रंप इतने संजीदा है कि वह उस पर हमला करने की भी सोच रहे हैं।
ये वही ट्रंप हैं जो दुनिया भर में सात या आठ युद्ध खत्म कराने का दावा कर चुके हैं। युद्ध रुकवाने का क्रेडिट लेने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति क्या खुद ही युद्ध का नया मोर्चा खोल देंगे? यह बात इसलिए क्योंकि कैरेबियाई देश वेनेजुएला की घेराबंदी उन्होंने जिस तरह से की है उससे यही लगता है कि आने वाले दिनों में यूएस की योजना उस पर हमला करने की है। ट्रंप का ताजा कदम भी इसी ओर इशारा करता है। अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने शनिवार को वेनेजुएला का एयरस्पेस बंद होने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा है कि सभी एयर लाइन, पायलट, ड्रग डीलर्स और मानव तस्कर जो भी वेनेजुएला के एयरस्पेस यानी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करते हैं, वे यह मान कर चलें कि वेनेजुएला और उसके आस-पास का एयरस्पेस बंद हो गया है।
दरअसल, ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो पर पद छोड़ने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। एयरस्पेस बंद करने की घोषणा भी उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति की इस घोषणा पर वेनेजुएला के विदेश मंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने एयरस्पेस बंद करने को 'कोलोनियल थ्रेट' यानी औपनिवेशक खतरा बताया। उन्होंने ट्रंप की इस घोषणा को वेनेजुएला के लोगों के खिलाफ एक अवैध और अनुचित आक्रामक कार्रवाई बताया।
अमेरिका में दूसरी बार राष्ट्रपति कार्यालय में पहुंचने के बाद से ही ट्रंप ने वेनेजुएला पर अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। ट्रंप का दावा है कि वेनेजुएला से बड़ी संख्या में अवैध प्रवासी और ड्रग उनके यहां आ रहे हैं। उनका दावा है कि फेंटानिल जैसे ड्रग की वजह से लाखों अमेरिकी की जानें गई हैं। ट्रंप के मुताबिक वह इस ड्रग तस्करी पर रोक लगाना और ड्रग माफियाओं को खत्म करना चाहते हैं जबकि ट्रंप के आरोपों मदुरो खारिज करते आए हैं।
वेनेजुएला को भी लग रहा है कि देर-सबेर उस पर हमला हो सकता है। इसे देखते हुए उसने अपने तटीय इलाकों में सैन्य अभ्यास किया है। इस अभ्यास में एंटी एयरक्राफ्ट एवं अन्य ऑर्टिलरी हथियारों को शामिल किया गया। अमेरिका का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट करियर यूएसएस गेराल्ड फोर्ड इस समय वेनेजुएला के इर्द-गिर्द है। 15 हजार अमेरिकी सैनिक हमला कर सकने वाले जगहों पर पोजीशन ले चुके हैं। बीते गुरुवार को ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला के ड्रग तस्करी पर रोक लगाने के लिए जमीनी से कार्रवाई जल्द ही शुरू होगी। इससे पहले ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अमेरिका ने समुद्र में अब तक कम से कम 21 हमले किए हैं। इनमें 80 से ज्यादा लोग मारे गए। ट्रंप का दावा है कि इन हमलों में ड्रग ले जा रहे बोट्स को निशाना बनाया गया लेकिन इस बारे में उन्होंने कोई सबूत नहीं दिया।
वेनेजुएला की सरकार मान रही है कि ट्रंप यह सब मदुरो को राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए कर रहे हैं। हालांकि, वेनेजुएला पर शिकंजा कसने और सैन्य अभियान बढ़ाने के लिए ट्रंप जिस तरह से दनादन फैसले ले रहे हैं उसे यूएस कांग्रेस में नाराजगी है। इस तरह के फैसलों के लिए संवैधानिक मंजूरी नहीं लेने पर डेमोक्रेट्स और रिपब्लकन्स दोनों गुस्से में हैं। सीनेट में डेमोक्रेट के वरिष्ठ नेता चक शूमर ने रविवार को एक्स पर अपने एक पोस्ट में कहा कि वेनेजुएला पर राष्ट्रपति ट्रंप का हड़बड़ाहट में लिया गया फैसला। अमेरिका को एक और महंगे युद्ध की तरफ धकेल रहा है। कोई युद्ध लड़ा जाना है या नहीं। इसकी घोषणा करने का एकमात्र अधिकार कांग्रेस के पास है। यही नहीं ट्रंप की करीबी सहयोगी और कट्टर समर्थक रह चुकीं मारजोरी टेलर ग्रीन ने भी ट्रंप को याद दिलाया है कि किसी युद्ध की घोषणा करने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है।
सवाल है कि दुनिया भर में शांति का मसीहा कहलाने का ख्वाब पालने वाले ट्रंप अपने पड़ोस में युद्ध क्यों शुरू करना चाहते हैं। जहां तक नशीली दवाओं की तस्करी और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की बात है तो अमेरिकी राष्ट्रपति को वेनेजुएला से पहले उन देशों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो अपने ड्रग कार्टेल के लिए दुनिया भर में कुख्यात हैं लेकिन ट्रंप उन पर नहीं वेनेजुएला पर कार्रवाई कर रहे हैं। एक्सपर्ट्स मानते है कि ट्रंप का असली इरादा कुछ और है जो आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।
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