Mojtaba Khamenei Security: "मुझे नहीं लगता कि वो शांति से रह सकते हैं। मैं इस बात से खुश नहीं हूं। नए सुप्रीम लीडर को चुने जाने से पहले अमेरिका की राय लेनी चाहिए थी। मुझे नहीं लगता कि वह शांति से रह सकता है।" करीब 9 करोड़ आबादी वाले देश के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई कहां हैं और किस हालत में हैं, इसकी जानकारी दुनिया से छिपाकर रखी गई है।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि अमेरिका हर पल मोजतबा खामेनेई की तलाश में जुटा है। अमेरिका और इजरायल का साफ कहना है कि वे ईरान में खामेनेई शासन को खत्म करना चाहते हैं।
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क्या मोजतबा खामेनेई पर हुआ हमला?
हाल ही में एक खबर भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुई कि मोजतबा खामेनेई पर हमला किया गया। हालांकी, ईरानी न्यूज एजेंसी ISNA की एक रिपोर्ट में ईरान सरकार के वरिष्ठ नेता यूसुफ पेजेश्कियन ने बताया कि खुदा का शुक्र है कि युद्ध में वो बाल-बाल बच गए। मोजतबा खामेनेई पर हो रहे हमलों के बीच सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर उनकी जान की रक्षा का जिम्मा किनके हाथों में है।
कौन कर रहा सुप्रीम लीडर की रखवाली?
विशेषज्ञों की मानें तो उनकी सुरक्षा के लिए ईरान के प्रसिद्ध “ब्लैक-क्लैड किल स्क्वॉड” यानी नोपो (NOPO) को तैनात किया गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर बनाए जाने के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा कड़ी कर दी गई है।
नोपो (NOPO) का मतलब फारसी भाषा में 'निरौयेह विजेह पासदारन वेलायत' है, जिसका हिंदी में अर्थ 'सर्वोच्च नेता की रक्षा के लिए बनाया गया विशेष बल' है। गौरतलब है कि इसका काम इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से काफी अलग है। नोपो में केवल छह ब्रिगेड हैं। चार तेहरान में, एक मशहद में, और एक इस्फहान में तैनात हैं।
नोपो (NOPO) एक विशेष कमांडो यूनिट है। यह ईरान की एक एलीट काउंटर-टेररिज्म फोर्स मानी जाती है, जिसकी स्थापना 1991 में हुई थी। माना जाता है कि ये आईआरजीसी से कहीं अधिक और घातक है। इस ब्रिगेड की वफादारी सिर्फ सर्वोच्च नेता के लिए है।
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अयातुल्ला खामेनेई की भी सुरक्षा में तैनात थे NOPO के लड़ाके
अयातुल्ला खामेनेई भी अपनी सुरक्षा के लिए इसी फोर्स पर भरोसा करते थे। आशंका जताई जा रही है कि खामेनेई के साथ इस यूनिट के कई लड़ाकों की मौत हो गई है। इस यूनिट के कमांडो आमतौर पर काले कपड़ों में रहते हैं और अत्याधुनिक हथियारों से लैस होते हैं। इसी वजह से इन्हें “ब्लैक-क्लैड” यानी काले कपड़ों वाली स्पेशल फोर्स कहा जाता है।
क्या है मुख्य उद्देश्य?
इनका मुख्य काम आतंकवाद विरोधी अभियान, बंधक बचाव और हाई-रिस्क सुरक्षा मिशन को अंजाम देना होता है। हालांकि, यह यूनिट कई बार विवादों में भी रही है। मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि ईरान में बड़े विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस बल का इस्तेमाल सख्ती से किया गया।
सन् 1999 के छात्र आंदोलन, 2019 के सरकार विरोधी प्रदर्शनों और महसा अमीनी (Mahsa Amini) की मौत के बाद हुए देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान भी इस यूनिट की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे थे। आलोचकों का कहना है कि इन अभियानों में अत्यधिक बल प्रयोग किया गया।
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सुप्रीम लीडर की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ “ब्लैक-क्लैड” फोर्स तक ही सीमित नहीं है। बताया जाता है कि सुप्रीम लीडर की सुरक्षा के लिए कई गुप्त और विशेष सैन्य इकाइयां बनाई गई हैं।
क्या है 'वली-ए-अम्र' स्पेशल फोर्स?
इनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps) के भीतर काम करने वाली वली-ए-अम्र स्पेशल फोर्स (Vali‑ye Amr Special Forces) जैसी इकाइयां भी शामिल हैं।
बता दें कि 'वली-ए-अम्र’ का मतलब होता है आदेश देने वाले की फौज, और ईरान में इसका मतलब साफ है सुप्रीम लीडर की सुरक्षा। यह ईरान की कुख्यात इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की एक विशेष शाखा है, जो केवल एक काम करती है-खामेनेई की जान की हिफाजत करना।
इस यूनिट की स्थापना 1980 के दशक के मध्य में हुई थी, और आज इसमें लगभग 12,000 बेहद कुशल और खास ट्रेनिंग पाए जवान शामिल हैं। ये जवान सिर्फ हथियार चलाना नहीं जानते। ये यूनिट साइबर वॉरफेयर, काउंटर इंटेलिजेंस, और इंटरनल थ्रेट मैनेजमेंट में भी माहिर हैं। लंबे समय से यह यूनिट अयातुल्ला खामेनेई की सुरक्षा कर रहा था।
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बेहद कड़ी निगरानी में हैं सुप्रीम लीडर
'वली-ए-अम्र’ फोर्स भी मोजतबा खामेनेई की रक्षा में जुटे हैं। यानी इसका मतलब साफ है कि हो सकता है कि नए सुप्रीम लीडर की दो लेयर में सुरक्षा की जा रही हो। 'ब्लैक-क्लैड' और 'वली-ए-अम्र’ फोर्स मिलकर मोजतबा खामेनेई की रक्षा कर रहे हैं।
अमेरिकी खुफिया विभाग फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) से लेकर इजरायली खुफिया विभाग मोसाद तक, ईरान के नए सुप्रीम लीडर की तलाश में जुटे हैं, लेकिन अभी तक उनके बारे में कोई न तो अमेरिका के हाथ लगी है और न ही दुनिया के सामने उनकी कोई ताजा तस्वीर या वीडियो है। दुनिया को ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के पहले सार्वजनिक संबोधन का इंतजार है।
