कश्मीर में आतंक पर संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट, बच्चों को थमाई जा रही बंदूक

दुनिया
Updated Jul 31, 2019 | 20:23 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कश्मीर पर एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि घाटी में आतंकी और नक्सली बच्चो को लड़ाका बनाकर उनकी भर्ती कर रहे हैं।

UN Secretary-General Antonio Guterres
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस  |  तस्वीर साभार: ANI
मुख्य बातें
  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की रिपोर्ट में दावा
  • कश्मीर और नक्सल प्रभावित इलाकों में हो रही बच्चों की भर्ती
  • सुरक्षाबलों के अभियान में मारे गए कई बच्चे: रिपोर्ट

संयुक्त राष्ट्र: भारत के बारे में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कुछ परेशान करने वाली बातें कही गई हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर घाटी में आतंकी बच्चों को लड़ाकों के तौर पर तैयार करके आतंकी समूहों में उनकी भर्ती कर रहे हैं और इसके अलावा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी नक्सली बच्चों को भर्ती कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस बात का जिक्र किया है।

बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर 2018 के लिए मंगलवार को जारी वार्षिक रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सुरक्षा बलों के अभियानों के दौरान बड़ी संख्या में बच्चे मारे जा रहे हैं और घायल हो रहे हैं। एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि सरकार की ओर से राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के तहत बच्चों की सुरक्षा में उठाए जा रहे कदम स्वागत योग्य हैं।

उन्होंने कहा, 'मैं बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराध रोकने और अपराधियों के खिलाफ कदम उठाने को लेकर सरकार को प्रोत्साहित करना चाहता हूं।' रिपोर्ट में पांच बच्चों के आतंकी संगठनों में शामिल होने का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार हिलबुल मुजाहिद्दीन में दो, अंसार गजवत-उल-हिंद में एक बच्चे को शामिल किया गया, इसके अलावा दो बच्चे लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुए जो कथित तौर पर 9 दिसंबर 2019 को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए। रिपोर्ट के अनुसार इन बच्चों में से कुछ की उम्र 14 साल से कम थी।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार आतंकियों की अपेक्षा नक्सली बच्चों को ज्यादा व्यवस्थित ढंग से भर्ती कर रहे हैं। बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के अभियान में बच्चों के घायल होने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

इसे लेकर रिपोर्ट में एक उदाहरण भी दिया गया है जिसके अनुसार बीते साल 22 अप्रैल को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में जिला स्तर पर विशेष बलों की ओर से चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में कथित तौर पर 8 बच्चे मारे गए थे, और इस दौरान कम से कम 40 नक्सली भी मारे गए थे।

रिपोर्ट के अनुसार कश्मीर में 7 साल से 17 साल की उम्र के बीच के करीब 31 बच्चों के मरने की खबरें आई हैं, साथ ही 150 बच्चे कथित तौर पर घायल हुए। रिपोर्ट में सेना के पैलेट गन का इस्तेमाल करने और कठुआ जिले में 8 साल की बच्ची के साथ रेप की घटना का जिक्र भी किया गया है।

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