ईरान में प्लेन हादसा क्या सिर्फ हादसा है या किसी की साजिश, काल के गाल में समाए 176 लोग

दुनिया
Updated Jan 08, 2020 | 17:01 IST

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान में यूक्रेन का विमान हादसे का शिकार हो गया है। सवाल ये है कि विमान हादसे का शिकार हो गया था या किसी साजिश का शिकार हो गया।

क्या ईरान में प्लेन हादसा सिर्फ हादसा है या या किसी की साजिश
तेहरान में यूक्रेन का विमान हादसे का हुआ शिकार 

मुख्य बातें

  • तेहरान के एयरस्पेस में यूक्रेन का विमान हुआ हादसे का शिकार
  • विमान का ब्लैक बॉक्स मिला लेकिन ईरान ने यूक्रेन को सौंपने से किया इंकार
  • हादसे का शिकार विमान महज चार साल पुराना था और दो दिन पहले हुई थी सुरक्षा जांच

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के रिश्तों में उतार-चढ़ाव का दौर हमेशा देखा गया है। अमेरिका का मानना है कि उत्तर कोरिया की तरह ईरान भी विश्व के लिए खतरा है। ट्रंप प्रशासन की तरफ से हसन रोहानी यानि ईरान सरकार पर प्रतिबंध भी लगाया। लेकिन समय के साथ कुछ ढील भी दी गई। इस तरह के रिश्तों के बीच अमेरका को एक शख्स हमेशा खटकता रहा जो आईआरजी का टॉप कमांडर कासिम सुलेमानी था। कासिम सुलेमानी को ड्रोन अटैक में बगदाद एयरपोर्ट के पास मार गिराया और इसके बाद ईरान ने धमकी दी कि अबकी बार लड़ाई आर पार की होगी। बुधवार को ईरान ने इराक स्थित दो सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया हालांकि इसके साथ ही एक बुरी खबर ये आई की तेहरान के पास यूक्रेन का विमान हादसे का शिकार हो गया जिसे लेकर अलग अलग तरीके से सवाल उठाए जा रहे हैं। 
महज चार साल पुराना था यूक्रेन का विमान
प्लेन महज चार साल पुराना, और दो दिन पहले सुरक्षा की जांच की गई थी। यूक्रेन एंबेसी का कहना है कि शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि विमान के इंजन में तकनीकी खराबी आ गई थी। विमान में कुल 180 लोग सवार थे जिसमें सबसे ज्यादा यात्री ईरान के थे। विमान तेहरान से कीव की उड़ान पर था।तेहरान में जिस वक्त विमान हादसे का शिकार हुआ उससे महज कुछ घंटे पहले ईरान ने दावा किया था कि उसकी तरफ से इराक स्थित दो सैन्य ठिकानों पर 12 से ज्यादा मिसाइल दागी गईं जिसमें अमेरिका के फाइटर प्लेन तबाह हो गए।


ईरान की हरकत से अमेरिका आगबबूला
ईरान के दावे पर अमेरिका की तरफ से बस इतनी प्रतिक्रिया आई की नुकसान का जायजा लिया जा रहा है और ऑल इज वेल है। लेकिन सवाल ये है कि आखिर प्लेन कैसे हादसे का शिकार हुआ। अगर ईरान की एक न्यूज एजेंसी की बात करें तो उसके मुताबिक टेक ऑफ के तुरंत बाद विमान में आग लग गई थी ऐसे में सवाल ये है कि कहीं गलती से ईरान ने उस विमान पर मिसाइल तो नहीं दागा था।

क्या कहते हैं जानकार
जानकारों का कहना है कि जिस तरह से ईरान विमान के ब्लैक बॉक्स को देने से इंकार कर रहा है उससे संदेह के बादल मंडरा रहे हैं। अगर यूक्रेन एंबेसी के बयान को देखें तो पहली नजर में वो विमान में तकनीकी खराबी को जिम्मेदार बता रहे हैं। लेकिन विमान का महज चार साल पुराना और दो दिन पहले सेक्युरिटी चेक से यह संभावना छीड़ नजर आ रही है। ये हो सकता है कि जिस तरह से ईरान की तरफ से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया कहीं गलती से यूक्रेन का विमान गिरा दिया गया हो। इसी तरह की एक तस्वीर बालाकोट ऑपरेशन के दौरान भारत में देखने को मिली थी। 

कुछ जानकारों का कहना है कि हादसे में सबसे ज्यादा ईरान के लोग मारे गए हैं और इसके साथ ही विदेशी भी शिकार हुए हैं। इस घटना की दो तरह से व्याख्या हो सकती है। अगर यह बात सिद्ध होती है कि ईरान की गलती से विमान को गिराया गया है तो एक बात साफ है कि आने वाले समय में ईराम के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वैसे भी जब दो देशों के बीच तनाव अपने चरम पर होता है तो इस तरह की घटनाओं को होने से नकारा भी नहीं जा सकता है। 

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