अमेरिका: गिलरॉय गार्लिक फेस्टिवल में मातम, गन कल्चर का नतीजा !

दुनिया
Updated Jul 29, 2019 | 10:28 IST | ललित राय

कैलिफोर्निया का गिलरॉय कस्बा उस समय दहल उठा जब गार्लिक फेस्टिवल का लुत्फ उठा रहे लोगों पर एक हमलावर ने अंधाधुंध गोलीबारी की। गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग घायल हैं।

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गिलरॉय गार्लिक फेस्टिवल में गोलीबारी पर बोले ट्रंप- सतर्क रहें 
मुख्य बातें
  • अमेरिका का गिलरॉय गार्लिक फेस्टिवल गोलीबारी से दहला
  • गिलरॉय गार्लिक फेस्टिवल गोलीबारी में तीन लोगों की मौत
  • डोनाल्ड ट्रंप बोले- लोग सतर्क रहें

वाशिंगटन। कैलिफोर्निया में गिलरॉय गार्लिक फेस्टिवल में हुई गोलीबारी में तीन लोग काल के गाल में समा गए। इस गोलीबारी के मारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लोगों को सतर्क रने की जरूरत है क्योंकि हमलावर अभी भी सक्रिय है और उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस घटना के लिए जो कोई भी जिम्मेदार होगा वो बहुत जल्द कानून की गिरफ्त में होगा। 

गिलरॉय गार्लिक फेस्टिवल में हमलावर ने जिस वक्त गोलीबारी की लोग त्योहार का लुत्फ उठा रहे थे। पुलिस का कहना है कि मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। पुलिस का कहना है कि जिस तरह से इस हमले को अंजाम दिया गया उससे पता चलता है कि हमलावर सनकी था। लेकिन जब तक उसकी गिरफ्तारी नहीं होती है तब तक घटना के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। 


कैलिफोर्निया पुलिस का कहना है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी गिलरॉ कस्बे में यह त्यौहार मनाया जा रहा था। इसके पीछे कौन लोग है उसके बारे में पुख्ता तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है। कैलिफोर्निया की सीनेटर कमला हैरिस ने कहा कि वो लगातार इस घटना पर नजर बनाए हुई हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लोग खुद की सुरक्षा के साथ ही त्यौहार का आनंद उठाए। इस घटना में जो लोग मारे गए हैं उनके परिवारों के साथ उनकी संवेदना है। 

Breaking News
गिलरॉय गार्लिक फेस्टिवल में हुई गोलीबारी के बाद एक बार फिर अमेरिका में गन कल्चर का मुद्दा गरमा गया है। जानकारों का कहना है कि जिस तरह से वहां पर शूटिंग की खबरें सामने आती हैं उससे साफ है कि करीब करीब हर हाथ में बंदूकों का होना इस तरह की घटनाओं के पीछे वजह बन रही है। दरअसल अमेरिका में आर्थिक खाईं इतनी ज्यादा है कि जो लोग रोजगार के मौकों से चूक जा रहे हैं वो मानसिक तौर संतुलन खो बैठते हैं। जब चमक दमक वाले माहौल को देखते हैं तो वो हताश हो जाते हैं और इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते हैं। 

जानकार बताते हैं कि यह अमेरिका के किसी खास शहर तक सीमित नहीं है। अगर आप देखें तो न्यूयॉर्क, फ्लोरिडा और दूसरे शहरों में भी छिटपुट घटनाएं होती हैं। जहां तक अमेरिकी पुलिस प्रशासन का सवाल है तो वो इस तरह के मामलों की छानबीन कर दोषियों को गिरफ्तार भी कर लेते हैं। लेकिन हथियारों की आसानी से उपलब्धता की वजह से इस तरह की घटनाओं में इजाफा होता है। औरलैंडो और वर्जीनिया शूटआउट का हवाला देते हुए जानकार बताते हैं कि उन घटनाओं के पीछे आरोपी की सनक सवार थी। आरोपी बेरोजगार थे उनके पास दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए साधन का अभाव था। अवसाद की गिरफ्त में आये आरोपियों ने बंदूकों के जरिए अपने गुस्से का इजहार लोगों की जिंदगी खत्म करके ले ली थी। 

 

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