UN में इमरान खान के संबोधन से पहले न्यूयॉर्क में ऐसे हुआ पाकिस्तान का विरोध

दुनिया
Updated Sep 27, 2019 | 10:52 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

संयुक्त राष्ट्र महासभा में शुक्रवार को प्रधानमंत्री इमरान खान के संबोधन से ठीक पहले पाकिस्तान का विरोध प्रदर्शन शुरु हो गया है। इसमें अमेरिका के एक वकीलों के समूह, वॉयस ऑफ कराची ने हिस्सा लिया।

Protest against Pakistan
पाकिस्तान के खिलाफ न्यूयॉर्क में प्रदर्शन 

मुख्य बातें

  • संयुक्त राष्ट्र महासभा में इमरान खान के संबोधन से पहले जमकर हुआ विरोध
  • प्रदर्शन के दौरान व्यस्त सड़क पर दिखे कई टैक्सियां और ट्रक
  • भारत पर आरोप लगाने वाले पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के दर्द की दास्तां

न्यूयॉर्क: पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार को लेकर गुरुवार की सुबह सैकड़ों टैक्सी और ट्रक प्रदर्शन करते हुए न्यूयॉर्क की व्यस्त सड़कों पर दिखाई दिए। रूफटॉप डिजिटल विज्ञापन करने वाले पीले टैक्सी और मिनी ट्रकों ने पाकिस्तान में उन अल्पसंख्यकों की दुर्दशा और दुखों को उजागर किया जो पाकिस्तान में रह रहे हैं।

शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्धारित संबोधन से ठीक पहले शुरू किए गए विरोध अभियान को अमेरिका के एक वकालत समूह, वॉयस ऑफ कराची की ओर से शुरू किया गया है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के आसपास टैक्सियों और ट्रकों पर नजर आने वाले कुछ विज्ञापनों में कहा गया, 'पाकिस्तान: मानव अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर से इनकार करने वाला देश' और 'मोहाजिर पाकिस्तान' में संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप की मांग करते हैं।

पूर्व मेयर वासे जलील ने एएनआई से बात करते हुए कहा, 'पाकिस्तान मोहाजिरों को इस तरह के अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करने की अनुमति नहीं देता है। हमारे पास हस्तक्षेप की तलाश करने के लिए संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों के पास जाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यह हमारा नैतिक, मानवीय और लोकतांत्रिक अधिकार है।'

उन्होंने कहा, 'मोहाजिरों के खिलाफ अत्याचार हो रहा है और यह दशकों से चल रहा है, हमने 25,000 से अधिक लोगों की जिंदगी खो दी है और हजारों मजबूर गायब हो गए। हम पाकिस्तान की वजह से दुनिया में हुई अपनी इस स्थिति से दुनिया को अवगत कराना चाहते हैं।'

वॉयस ऑफ कराची के अध्यक्ष नदीम नुसरत ने एएनआई को बताया, 'अभियान का मकसद अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच कराची में जातीय उत्पीड़न और सकल मानवीय अधिकारों के उल्लंघन के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। यह पाक प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से विडंबना की स्थिति पैदा की गई है और इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। देश के अल्पसंख्यक सबसे खराब मानवाधिकारों की स्थिति का सामना कर रहे हैं।

नदीम नुसरत ने कहा, 'यह वास्तव में शर्मनाक है कि पाकिस्तान कहता है कि भारत मुस्लिमों के खिलाफ है। सच्चाई तो ये है कि पाकिस्तान ने धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अंकुश लगा रखा है और उनके लिए माहौल नरक बना दिया है। पाकिस्तान कश्मीर के बारे में बात करता है जबकि लगभग 5 लाख पाकिस्तानी अभी भी बांग्लादेश में रेड क्रॉस कैंप में रह रहे हैं। नुसरत ने कहा कि पाकिस्तान सीमा पार रहने वाले लोगों के बारे में क्या बात करता है, लेकिन अपने ही लोगों की अनदेखी करता है।

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर