PM मोदी ने UN में किया Solar Park का उद्घाटन, वैश्विक नेताओं ने किया गांधी को याद

दुनिया
Updated Sep 25, 2019 | 09:11 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Gandhi Solar Park at UN: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय में गांधी सोलर पार्क का उद्घाटन किया। वैश्विक नेताओं ने यहां राष्‍ट्रपिता के नाम पर एक डाक टिकट भी जारी किया।

PM Narendra Modi inaugurates Gandhi Solar Park at UN
पीएम मोदी ने यूएन मुख्‍यालय में गांधी सोलर पार्क का उद्घाटन किया  |  तस्वीर साभार: ANI

मुख्य बातें

  • PM नरेंद्र मोदी ने संयुक्‍त राष्‍ट्र में गांधी सोलर पार्क का उद्घाटन किया
  • गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्‍य में विशेष डाक टिकट भी जारी किया गया
  • वैश्विक नेताओं ने भी गांधी के विचारों को सराहा और इसे आज भी प्रासंगिक बताया

संयुक्‍त राष्‍ट्र : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्‍य में संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय में गांधी सोलर पार्क (Gandhi Solar Park) का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना, न्‍यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न, दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति मून-जाए-इन भी मौजूद थे। वैश्विक नेताओं ने यूएन मुख्‍यालय में गांधी के विचारों की मौजूदा दौर में प्रासंगिकता को लेकर आयोज‍ित एक अन्‍य कार्यक्रम में महात्‍मा गांधी के नाम पर एक यूएन डाक टिकट भी जारी किया।

पीएम मोदी ने संयुक्‍त राष्‍ट्र मुख्‍यालय में जिस 'गांधी सोलर पार्क' का उद्घाटन मंगलवार को कियाा, वह 50 किलोवाट का है। 'मौजूदा समय में महात्‍मा गांधी की प्रासंगिकता' के विषय पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने राष्‍ट्रपिता की 150वीं जयंती के उपलक्ष्‍य में महात्‍मा गांधी की याद में विशेष स्‍टैम्‍प जारी करने को लेकर संयुक्‍त राष्‍ट्र का आभार जताया। 

उन्‍होंने कहा कि गांधी जी ने उन लोगों के जीवन को भी प्रभावित किया, जो उनसे कभी नहीं मिले। मार्टिन लूथर किंग जूनियर और नेल्‍सन मंडेला की नीतियां और विचारधारा गांधी के विचारों पर ही आधारित थी। उन्‍होंने कभी किसी पर अपना प्रभाव छोड़ने की कोशिश नहीं की, लेकिन धीरे-धीरे यह प्रेरणा का स्रोत बन गया।

पीएम मोदी ने कहा, 'आज हम ऐसे समय में जी रहे हैं, जिसमें लोग इसकी कोशिश करते हैं कि लोगों को कैसे प्रभावित किया जा सके, लेकिन गांधी जी इस विचार पर चलते थे कि लोगों को कैसे प्रेरित किया जा सके।'

वहीं, बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेखर हसीना ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्‍हें सच्‍चा देशभक्‍त, स्‍टेट्समैन और संत बताया। उन्‍होंने कहा कि महात्‍मा गांधी ने अपना पूरा जीवन मानवता के लिए समर्पित कर दिया। वह उम्‍मीद की एक किरण और अंधेरे में रोशनी की तरह हैं।

उन्‍होंने यह भी कहा कि बांग्‍लादेश का मुक्ति संग्राम पर काफी हद तक महात्‍मा गांधी के संघर्ष व अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित था, लेकिन पाकिस्‍तान के सैन्‍य तानाशाहों ने जब बांग्‍लादेश (तत्‍कालीन पूर्वी पाकिस्‍तान) के निहत्‍थे लोगों का नरसंहार शुरू कर दिया, तब उनके पिता व बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान को सशस्त्र संघर्ष के लिए आह्वान करना पड़ा।

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