महंगाई की मार से जनता परेशान, इमरान खान के 'नया पाकिस्तान' में सस्ते हुए रोटी और नॉन 

दुनिया
आलोक राव
Updated Jul 31, 2019 | 18:54 IST

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश में रोटी और नॉन की कीमत में कटौती करने का फरमान सुनाया है। आर्थिक बदहाली से गुजर रहे पाकिस्तान में जरूरत की वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं।

Imran Khan Pakistani Prime Minister
पाकिस्तान में महंगाई से जनता त्रस्त हो गई है। 
मुख्य बातें
  • पाकिस्तान में 10 से 12 रुपए में बेची जा रही एक रोटी
  • महंगाई की मार से जनता त्रस्त, आसमान छू रहे वस्तुओं के दाम
  • रोटी और नॉन की कीमतों में कटौती के इमरान ने दिए आदेश

इस्लामाबाद : आर्थिक बदहाली का काफी बुरा असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है। यहां दैनिक उपभोग एवं रोजमर्रा की वस्तुएं काफी महंगी हो गई हैं। जनता को दूध से लेकर जरूरी सामानों के लिए ऊंची कीमत देनी पड़ रही है। महंगाई की मार से आहत जनता को राहत देने के लिए अब पाकिस्तान सरकार नींद से जागी है। इमरान खान सरकार ने देश भर में नॉन और रोटी की कीमतों में कटौती करने का फरमान सुनाया है। 

एक न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री इमरान खान के इंफार्मेशन स्पेशल असिस्टेंट डॉ. फिरदौस आशिक अवान ने बताया, 'देश में नॉन और रोटी की बढ़ती कीमतें प्रधानमंत्री इमरान खान की नजर में आई हैं। पीएम ने नॉन और रोटी को पुरानी कीमतों पर बेचने के लिए तत्काल कदम उठाने का फैसला किया है।' अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट मीटिंग के अलावा पीएम ने गैस टैरिफ पर भी बैठक की। उन्होंने बताया कि तंदूर कारोबारियों को राहत देने एवं आटे की कीमतें एवं इस पर शुल्क कम करने के उपायों पर चर्चा के लिए इकोनॉमिक कोऑर्डिनेशन कमेटी (ईसीसी) की बैठक भी बुलाई गई है।

हाल के दिनों में पाकिस्तान के शहरों में 'रोटी' एवं 'नॉन' की कीमतों में काफी इजाफा को देखने को मिला है। पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में एक 'नॉन' 12 रुपए से लेकर 15 रुपए के बीच बेची जा रही है जबकि गैस टैरिफ एवं आटे की कीमत में इजाफे से पहले एक नॉन की कीमत आठ रुपए से 10 रुपए के बीच थी। इसी तरह रोटी की कीमत जो पहले सात एवं आठ रुपए थी वह अब 10 से 12 रुपए के बीच बिक रही है।  

खुश होने की जगह अपनी एक साल की नाकामी पर गौर करें इमरान खान 

इमरान खान की सरकार जबसे सत्ता में आई है तब से उसे आर्थिक तंगहाली का सामना करना पड़ा है। टैक्स कलेक्शन न बढ़ने और राजकोषीय घाटा बढ़ने से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। उसे विदेश कर्ज मिलने में मुश्किल हो रही है। इमरान खान सऊदी अरब सहित खाड़ी देशों से कर्ज ले चुके हैं लेकिन तमाम उपाय करने के बावजूद वह आर्थिक मोर्चे पर नाकाम साबित हुए हैं। पाकिस्तान की आर्थिक विकास दर गिरकर 3.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है। पिछले एक साल में इमरान खान सरकार ने 16 अरब डॉलर का कर्ज लिया है। पिछले एक साल में पाकिस्तान के रुपए में काफी गिरावट हुई है। महंगाई बढ़ने के लिए पाकिस्तानी रुपए में आए अवमूल्यवन को भी जिम्मेदार माना जा रहा है। देश की माली हालत सुधरता न देख इमरान खान को हाल के दिनों में अपने वित्त मंत्री को हटाना पड़ा है। 

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