J&K में आतंकियों से संपर्क साधने के लिए FM ट्रांसमिशन का इस्‍तेमाल कर रही है PAK सेना

दुनिया
Updated Sep 12, 2019 | 08:43 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

अनुच्‍छेद 370 को अप्रभावी बनाने के भारत के फैसले के बाद पाकिस्‍तान, जम्‍मू-कश्‍मीर में अस्थिरता फैलाने की हर साजिश कर रहा है। पाक सेना अब आतंकियों से संपर्क साधने के लिए कोड वर्ड्स का भी इस्‍तेमाल कर रही है।

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Representative image  |  तस्वीर साभार: BCCL

मुख्य बातें

  • पाकिस्‍तान सेना ने अलग-अलग आतंकी संगठनों के लिए कोड बनाए हैं
  • कोड वर्ड्स का इस्‍तेमाल वे J&K में आतंकियों से संपर्क के लिए कर रहे हैं
  • पाकिस्‍तान का मकसद जम्‍मू-कश्‍मीर में अशांति फैलाना है

नई दिल्‍ली : जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंक‍ियों से संपर्क साधने के लिए पाकिस्‍तान कुछ खास तरह के कोड्स का इस्‍तेमाल कर रहा है। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने ऐसे कुछ कोड्स का पता भी लगाया है, जिनकी मदद से पाक सेना आतंकियों से संपर्क कर यहां हिंसा फैलाना चाहती है। ये कोड वर्ड्स पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में नियंत्रण रेखा के पास लगाए गए एफएम ट्रांसमिशन के जरिये भेजे जा रहे हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाक आर्मी ने जैश-ए-मोहम्मद के लिए (66/88), लश्कर-ए-तैयबा के लिए (A3) और अल बद्र के लिए (D9) कोड रखे हैं।

जैश, लश्‍कर और अल-बद्र के आतंकियों से संपर्क साधने के लिए इन कोड वर्ड्स का इस्‍तेमाल पाकिस्तान के राष्ट्रगान 'कौमी तराना' के माध्यम से किया जा रहा है। पाकिस्‍तान की सेना 5 अगस्त को जम्‍मू एवं कश्‍मीर को विशेष दर्जा देने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के अहम प्रावधानों को निरस्त करने के एक सप्‍ताह बाद से ही एफएम ट्रांसमिशन के जरिये इन कोड वर्ड्स की मदद से जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकियों से संपर्क साधन की कोशिश कर रही है, जबकि इस फैसले के बाद ही क्षेत्र में लैंडलाइन, मोबाइल फोन और इंटरनेट नेटवर्क बंद कर कर दिए गए थे।

'कौमी तराना' के संस्‍करणों का इस्‍तेमाल पाकिस्‍तान सेना के साथ-साथ आतंकी संगठन भी कर रहे हैं। आतंकी संगठनों के सरगनाओं और इसके कैडर्स को इसके जरिये संदेश भेजा जा रहा है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, बहुत उच्च आवृत्ति वाले (VHF) रेडियो स्टेशनों का इस्‍तेमाल भारत से सटे नियंत्रण रेखा के करीब 'कौमी तराना' बजाकर खास संदेश भेजने के लिए किया जा रहा है। लश्कर, जैश और अल बद्र जैसे आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर में स्थानीय कैडर्स से संवाद के लिए इसका इस्‍तेमाल करते रहे हैं।

बताया जा रहा है कि LoC के नजदीक आतंकियों से VHF मैसेज मिल रहे हैं और वे जम्‍मू-कश्‍मीर में हिंसा फैलाने और आसपास के गांवों में लोगों को गुमराह करने के लिए इसे फैला रहे हैं। पाकिस्तान की सेना भी PoK में स्‍थापित एफएम ट्रांसमिशन स्‍टेशंस को LoC पर भारत से सटे इलाके के करीब ट्रांसफर कर रही है। पाकिस्तान सेना के 10 कार्प्स कमांडर ने इससे संबंधित जिम्‍मेदारी सिगनल कॉर्प को सौंपी है। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ऐसा करके भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराना चाहता है।

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