पाकिस्तान ने एक हजार वर्ष पुराने शवाला तेजा सिंह मंदिर को खोला, हिंदू समाज में खुशी की लहर

दुनिया
Updated Jul 30, 2019 | 11:58 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

भारत-पाक बंटवारे के बाद पहली बार पाकिस्तान के सियालकोट में 1000 साल पुराने मंदिर को खोला गया है। इलाके में रहने हिंदू समाज में खुशी की लहर है।

1000 year old temple pakistan
पाकिस्तान में खुला 1000 साल पुराना मंदिर  |  तस्वीर साभार: ANI
मुख्य बातें
  • पाकिस्तान में 1000 साल पुराना मंदिर हिंदुओं के लिए खोला गया
  • बंटवारे के बाद पहली बार खोला जा रहा मंदिर
  • पाकिस्तान के सियालकोट में स्थित है ये मंदिर

लाहौर : पाकिस्तान के सियालकोट में 1,000 साल पुराना हिंदू मंदिर बंटवारे के बाद पहली बार ‘पूजा’ के लिए खोला गया। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि स्थानीय लोगों की मांग के बाद इसे खोला गया है। दिवंगत लेखक राशिद नियाज के द्वारा लिखी गई ‘हिस्ट्री ऑफ सियालकोट’ के मुताबिक यह मंदिर 1,000 साल पुराना है और लाहौर से 100 किलोमीटर की दूरी पर शहर के धारोवाल क्षेत्र में है। इस मंदिर का नाम शवाला तेजा सिंह मंदिर है।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के पवित्र स्थलों की देखरेख करने वाली इवेक्यू ट्रस्ट पॉपर्टी बोर्ड ने स्थानीय हिंदू समुदाय की मांग पर भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद पहली बार मंदिर का दरवाजा खोला है। उन्होंने कहा कि पहले इस क्षेत्र में हिंदू धर्म से ताल्लुक रखने वाले लोग नहीं रहते थे इसलिए यह मंदिर बंद था।

उन्होंने बताया कि 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद इस मंदिर पर हमला हुआ था और यह आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था। पाकिस्तान में हिंदू समुदाय सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक यहां करीब 75 लाख हिंदू रहते हैं। लेकिन इस समुदाय का कहना है कि यहां 90 लाख से ज्यादा हिंदू हैं।

इवाक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड प्रवक्ता आमिर हाशमी ने बताया कि स्थानीय हिंदुओं की डिमांड के बाद मंदिर को खोला गया है। उन्होंने बताया कि पहले इस इलाके में हिंदुओं की जनसंख्या ना के बराबर थी इसलिए मंदिर को नहीं खोला गया था। 1992 में बाबरी विवाद के बाद इस मंदिर में काफी हमले किए गए थे जिसके बाद इसका कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। लेकिन अब इसका मरम्मत किया जा रहा है। 

इवाक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड डायरेक्टर फ्रास अब्बास ने बताया कि मरम्मत का काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। बंटवारे के लंबे समय के बाद इस मंदिर को पूजा प्रार्थना के लिए आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस इलाके में 2000 के करीब संख्या में हिंदू रहते हैं जो इस खबर से काफी खुश हैं। 

स्थानीय हिंदू नेता रत्तन लाल और रुमैश कुमार ने सरकार के इस कदम को सराहा है। पाकिस्तान में हिंदू एक बड़ी अल्पसंख्यक आबादी हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में 75 लाख हिंदू रहते हैं। हालांकि समुदाय के मुताबिक यहां 90 लाख हिंदू रहते हैं। बड़ी संख्या में हिंदुओं की आबादी सिंध प्रांत में रहती है जहां पर वे मुस्लिमों की संस्कृति और भाषा अपनाते हैं।

Times Now Navbharat
Times now
zoom Live
ET Now
ET Now Swadesh
Live TV
अगली खबर