PM मोदी ने 17 मिनट में दिया दुनिया को संदेश, कहा- आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हो पूरा विश्व

दुनिया
Updated Sep 27, 2019 | 21:24 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

PM Modi in UNGA: पीएम मोदी ने यूएनजीए की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद पूरी मानव जाति के लिए चुनौती है और इससे लड़ने के लिए दुनिया को एकजुट होना पड़ेगा।

PM Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 

मुख्य बातें

  • पीएम मोदी ने UNGA मेंं कहा कि हमारा मकसद जनकल्याण से जगकल्याण का है
  • आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होना होगा:पीएम नरेंद्र मोदी
  • पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए चुनौती

न्यूयॉर्क: यूएनजीए (UNGA) में पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत महात्मा गांधी की 150वीं (Mahatma Gandhi) जयंती से की। उन्होंने कहा कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा एक विकासशील देश किस तरह विकास की गाथा लिख रहा है और भारत इसका उदाहरण है। हमारा मकसद जनकल्याण से जगकल्याण का है।

यही नहीं हमारा आक्रोश आतंकवाद के खिलाफ गंभीरता को दर्शाता है। संयुक्त राष्ट्र को नई दिशा और शक्ति देनी होगी। भारत का स्पष्ट मानना है कि सौहार्द और शांति ही विश्व कल्याण का आधार है और हमें उसके लिए विचारों की भिन्नता के बाद भी मिलजुल कर काम करना होगा। पीएम नरेंद्र मोदी करीब 17 मिनट तक संयुक्त राष्ट्र आम सभा की बैठक को संबोधित किया।

उनहोंने कहा, ' संयुक्त राष्ट्र महासभा के 14वें सत्र को 130 करोड़ भारतीयों की तरफ से संबोधित करना, मेरे लिए गौरव का अवसर है।'  उन्होंने कहा कि ये अवसर है इसलिए विशेष है क्योंकि इस वर्ष पूरा विश्व महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है।

PM Narendra Modi

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,  'दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने मेरे सरकार और मेरे लिए मतदान किया। हम एक बड़े बहुमत के साथ सत्ता में वापस आए और इस जनादेश के कारण मैं आज यहां हूं।'

 

 

पीएम ने कहा,  'जब मैं यहां आ रहा था, तो मैंने संयुक्त राष्ट्र की दीवारों पर पढ़ा 'नो मोर सिंगल यूज प्लास्टिक'। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि हम भारत को एकल उपयोग प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए एक बड़ा अभियान चला रहे हैं।'

 

 

उन्होंने कहा,  'जब एक विकासशील राष्ट्र दुनिया के सबसे बड़े स्वच्छता अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करता है और अपने लोगों को 5 साल के भीतर 11 करोड़ से अधिक शौचालय मुहैया कराता है, तो यह प्रणाली पूरी दुनिया को प्रेरणा का संदेश देती है।'

 

 

आतंकवाद के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा, 'हमारा मानना है कि आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं, बल्कि सभी देशों और समग्र रूप से मानव जाति के लिए एक चुनौती है। इसलिए मानवता के लिए, सारी दुनिया को आतंक के खिलाफ एकजुट होना होगा।'

 

 

यहां देखिए पीएम मोदी के भाषण के मुख्य अंश-

  1. भारत सिंगल यूज प्लास्टिक (Single use plastic) से मुक्त होने की दिशा में एक बड़ा अभियान चला रहा है। आने वाले पांच वर्षों में हम जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ही 15 करोड़ घरों को पानी की सप्लाई से जोड़ने वाले हैं। आने वाल पांच वर्षों में भारत सवा लाख किलोमीटर से ज्यादा सड़के बनाने जा रहा है और 2022 में आजादी के 75वें साल के पर्व के अवसर पर गरीबों के लिए दो करोड़ घरों का निर्माण कर लेंगे।
  2. 2025 तक भारत का टीवी मुक्त काम करने के लिए काम कर रहे हैं। नए भारत में यह बदलाव भारत हजारों वर्ष पुरानी एक महान संस्कृति है जिसकी एक जीवंत परंपरा है। हम वैश्विक सपनों को अपने में समेटे हुए हैं। हमारा प्राणतत्व जनभागीदारी से जनकल्याण है। ये जनकल्याण भी सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि जग-कल्याण के लिए है। हमारी प्ररेणा है-सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास। ये केवल भारतीय सीमाओं तक सीमित नहीं है। हमारे प्रयास 130 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर हो रहे हैं। ये सपने पूरे विश्व और समाज के हैं। प्रयास हमारे हैं परिणाम समूचे विश्व के लिए है।
  3. आज से तीन हजार वर्ष पूर्व भारत के एक महान व्यक्ति ने विश्व की प्रचीनतम भाषा तमिल में कहा था। हम सभी स्थानों के लिए अपनेपन का भाव रखते हैं और सभी लोग हमारे अपने हैं। देश की सीमाओं से परे अपनत्व की यही भावना भारत भूमि की विशेषता है। भारत सदियों से चली आ रही विश्व वंधुत्व की महान परंपरा को मजबूत करने का काम किया है जो संयुक्त राष्ट्र की स्थापना का भी ध्येय रही है। भारत जिन विषयों को उठा रहा है उसका आधार वैश्विक चुनौतियां और वैश्विक विषय हैं।
  4. इतिहास की नजर से देखें तो ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) में भारत का योगदान बहुत कम रहा है लेकिन समाधान के लिए भारत एक अग्रणीदेश है। भारत में हम 450 गीगावाट के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। हमने इंटरनेशनल सोलर अलायंस (Solar Alliance) स्थापित करने की भी पहल की है। आपदा की घटनाएं और उनके नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। भारत इस दिशा में भी काम कर रहा है।
  5. हम उस देश के वासी हैं जिसने दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध दिए हैं इसलिए हमारी आवाज में आतंक (Terrorism) के खिलाफ दुनिया को सतर्क करने की गंभीरता भी है और आक्रोश भी। हम मानते हैं कि यह किसी एक देश की नहीं पूरी दुनिया और मानवता की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। आतंक के नाम पर बंटी हुई दुनिया उन सिद्धांतों को ठेस पहुंचाती है जिनके आधार पर यूएन का जन्म हुआ। मानवता के खातिर आतंक के खिलाफ एकमत और एकजुट होना मैं अनिवार्य समझता हूं। आज विश्व का स्वरूप बदल रहा है। 21वीं सदी की आधुनिक तकनीकी, सुरक्षा, कनेक्टिविटी, जीवन शैली, अंतरराष्ट्रीय संबंधों में सामूहिक परिवर्तन ला रही है। ऐसी स्थिति में बिखरी हुई दुनिया किसी के हित में नहीं है। संयुक्त राष्ट्र को इस नए दौर में नई शक्ति और नई दिशा देनी होगी।
  6. भारत के आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) ने शिकागों में विश्व को एक संदेश दिया था। अंतरराष्ट्रीय मसुदाय के लिए भारत का यह सद्भाव एवं शांति का ही संदेश है।
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