Hasan Rouhani: ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी अमेरिका पर भड़के, बोले- अतिवादी सोच ठीक नहीं

दुनिया
Updated Oct 16, 2019 | 08:50 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

Iranian president Hasan Rouhani: ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी में और इजाफा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ईरान पर अमेरिका अनावश्यक दबाव बना रहा है वो दोनों देशों के लिए ठीक नहीं है।

hasan rouhani
ईरान के राष्ट्रपति हैं हसन रुहानी 

मुख्य बातें

  • अमेरिका पर भड़के ईरानी राष्ट्रपति हसन रुहानी
  • घरेलू राजनीति का अंतरराष्ट्रीयकरण न करे अमेरिका
  • 'ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देने से बाज आए ट्रंप प्रशासन'

तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी का कहना है कि उनके देश पर प्रतिबंध लगाकर अमेरिका ने मानवता पर हमला किया है। उन्होंने कहा ज्वांइट कंप्रिहेंसिव प्लान आफ एक्शन को हटा देना अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका व्यवहार स्थापित व्यवस्था के खिलाफ है और उनका देश अमेरिका की अतिवादी सोच का मुखालफत करता है। 

रुहानी ने कहा कि महज घरेलू राजनीति, अतिवादी सोच और सऊदी अरब की वजह से अमेरिका घुटनों के बल आ गया और ईरान के खिलाफ कार्रवाई की गई। मौजूदा व्यवस्था किसी भी संप्रभु देश के सम्मान के खिलाफ है और वो कैसे इसे स्वीकार कर सकते हैं। ईरान पहले भी कह चुका है कि उसका न्यूक्लियर कार्यक्रम का मकसद सिर्फ और सिर्फ ऊर्जा जरूरतों तो पूरा करने के लिए है। ऐसे में ट्रंप प्रशासन का रवैया गैरजिम्मेदाराना है। 

बता दें के जेसीपीओए ईरान और पांच देशों अमेरिका, इंग्लैंड, चीन, रूस और जर्मनी और यूरोपीय यूनियन के बीच एक समझौता था। इस समझौते के तहत ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रमों पर रोक लगाने की व्यवस्था थी ताकि उसे प्रतिबंधों से कुछ हद तक आजादी मिल सके। हसन रुहानी ने कहा कि वो परमाणु कार्यक्रमों के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के हिमायती हैं। लेकिन अमेरिका अपने पहले की बनाई सोच पर आगे बढ़ रहा है। ईरान इस बात को समझता है कि परमाणु हथियारों से किस तरह से वैश्विक शांति पर असर पड़ता है। ये बात अलग है कि दूसरे देश अनावश्यक तौर पर ईरान पर निशाना साधते हैं। 

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