Strait of Hormuz: एक संकरा समुद्री रास्ता- जहां ईरान ठप कर सकता है आधी दुनिया का तेल व्यापार

Hormuz Strait: भारत सहित आधी दुनिया का तेल व्यापार स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ के रास्ते खाड़ी देशों के साथ होता है। भौगोलिक रूप से यह हिस्सा ईरान के करीब मौजूद है।

Iran may trouble oil trade on Strait of Hormuz
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तेल व्यापार को मुश्किल में डाल सकता है ईरान 

मुख्य बातें

  • भारत सहित दुनिया के कई बड़े देश तेल आयात के लिए होरमुज़ स्ट्रेट पर निर्भर
  • ईरान के साथ लगता एक संकरा समुद्री रास्ता, जहां से होता है आधी दुनिया का तेल व्यापार
  • तनाव या युद्ध की स्थिति में ईरान के समुद्री रास्ते पर कब्जा करने की आशंका

नई दिल्ली: पहले अमेरिकी हवाई हमले में ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत और फिर इराक स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के मिसाइल हमले। भारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान युद्ध के मुहाने पर खड़े हैं और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते इस खतरे से भारत सहित दुनिया के कई देश आशंकित हैं। एक नए संभावित युद्ध को लेकर चिंता की कई वजहें हैं और इन्हीं में से एक अहम वजह है 'स्ट्रेट ऑफ होरमुज़।'

जहां से गुजरता है आधी दुनिया का तेल: यह एक ऐसा बेहद छोटा रास्ता है जहां से आधी दुनिया का तेल व्यापार होता है। कई देशों को इस हिस्से से होकर तेल की आपूर्ति होती है और साथ ही अन्य कई तरह के व्यापार भी इस हिस्से से होते हैं। 'होरमुज़ स्ट्रेट' ईरान के साथ लगता एक संकरा समुद्री रास्ता है जिस पर युद्ध के हालात में ईरान कब्जा करके बंद कर सकता है।

चौड़ाई महज 39 किलोमीटर: 160 किलोमीटर के होरमुज़ स्ट्रेट का रास्ता फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। इस रास्ते की लंबाई करीब 160 किलोमीटर से ज्यादा है और एक जगह तो इसकी चौड़ाई महज 39 किलोमीटर रह जाती है जहां से दोनों ओर से आते- जाते जहाज गुजरते हैं। इस रास्ते पर ईरान का दबदबा है।

क्या है चिंता की वजह: अगर होरमुज़ स्ट्रेट के आसपास के देशों पर गौर करें तो यहां कुवैत, सऊदी अरब, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश मौजूद हैं जो तेल के प्रमुख निर्यातक हैं। इन देशों से निर्यात होने वाला तेल जहाजों के साथ होरमुज़ स्ट्रेट से गुजरता है। इसी वजह से दुनिया आशंकित है कि कहीं तनाव या युद्ध की स्थिति में किसी तरह का दवाब बनाने के लिए या अन्य किसी रणनीति के तहत ईरान इस इलाके को अपने कब्जे में न ले ले।

हरकत में आई ब्रिटेन की नौसेना: ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक इस आशंका को ध्यान में रखते हुए ब्रिटेन की नौसेना तो युद्धपोतों की तैनाती भी कर रही है। इस तैनाती की मदद से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि टैंकर जहाज हॉर्मुज से होकर फारस की खाड़ी से सुरक्षित बाहर निकल जाएं।

होरमुज़ स्ट्रेट में तस्करी कर रही नाव जब्त: समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार ईरान ने एक नाव को स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ के पास जब्त करने की खबर भी सामने आई है। इस दौरान 12 फिलीपींस नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईंधन-तस्करी का भंडाफोड़ हुआ था। दक्षिणी प्रांत में तट रक्षक प्रमुख का हवाला देते हुए ISNA ने कहा, 'एक विदेशी टगबोट को 233.71 बिलियन (लगभग 2 मिलियन डॉलर) कीमत के 283,900 लीटर (75,000 गैलन) पेट्रोल के साथ जब्त किया गया है।

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