UNGA में भारत ने खोली इमरान खान की पोल, कहा- आतंकियों को पेंशन देता है पाकिस्तान

दुनिया
Updated Sep 28, 2019 | 09:38 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भाषण की पोल खोल दी। यूएन में भारत की प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने बताया कि इमरान का भाषण किस तरह पूरी तरह से झूठा था।

Vidisha Maitra
विदिश मैत्रा 

मुख्य बातें

  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया
  • उनके भाषण में कश्मीर मुद्दा रहा और उन्होंने भारत सरकार पर भी खूब हमला किया गया
  • भारत ने उनके खिलाफ जवाब देते हुए इमरान खान को झूठा कहा

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के भाषण पर भारत ने जवाब दिया। यूएन में भारत की प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने इमरान के भाषण का जवाब दिया। यूएनजीए में अपने भाषण में इमरान खान कश्मीर का राग अलापते रहे और भारत के खिलाफ जहर उगलते रहे। इमरान ने एक बार फिर परमाणु युद्ध की धमकी दी। भारत 'राइट टू रिप्लाई' के अधिकार का उपयोग कर इमरान खान के भाषण पर जवाब दिया।

इमरान खान के भाषण पर भारत का जवाब LIVE:

-यह एक ऐसा देश जिसने 1947 के अपने अल्पसंख्यक समुदाय का आकार 23% से घटाकर 3% कर दिया है और आज ईसाई, सिख, अहमदिया, हिंदू, शिया, पश्तून, सिंधी और बलूचियों का जबरदस्त शोषण, जबरन धर्मांतरण और अपमान किया जा रहा है। भारत के नागरिकों को उनकी ओर से बोलने के लिए किसी और की आवश्यकता नहीं है, कम से कम उन सभी लोगों से जिन्होंने नफरत की विचारधारा से आतंकवाद का उद्योग खड़ा किया है।

-क्या पाकिस्तान इस बात से इनकार करेगा कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) ने उसको 27 में से 20 प्रमुख मापदंडों के उल्लंघन के लिए नोटिस में रखा है? और क्या पीएम इमरान खान न्यूयॉर्क शहर से इनकार करेंगे कि ओसामा बिन लादेन का समर्थन नहीं किया गया था?

-मैत्रा ने कहा, 'पीएम इमरान खान नियाजी हम आपसे अनुरोध करेंगे कि आप इतिहास की अपनी संक्षिप्त समझ को ताजा करें। 1971 में अपने ही लोगों के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा किए गए भीषण नरसंहार को न भूलें।' 

-क्या पाकिस्तान के पीएम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि यह संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित 130 आतंकवादी और 25 आतंकवादी संस्थाओं का घर है? 

 

 

-पाकिस्तान मानवाधिकार का चैंपियन बनना चाहता है। मानवाधिकार पर हमें नसीहत नहीं सुननी।

-अब जब पीएम इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों को पाकिस्तान में यह वैरिफाई करने के लिए आमंत्रित किया है कि पाकिस्तान में कोई उग्रवादी संगठन नहीं हैं। दुनिया वहां जाकर हालात देखे। वहां जाकर आतंकी ट्रेनिंग कैंप देखने चाहिए।

-विदिशा मैत्रा ने कहा, 'क्या पाकिस्तान यह स्वीकार करेगा कि यह दुनिया की एकमात्र सरकार है जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा अल-कायदा और देश प्रतिबंध सूची में सूचीबद्ध किसी व्यक्ति को पेंशन प्रदान करती है?' 

-पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर जुल्म होता है। पाकिस्तान ने अपने ही लोगों पर जुल्म किए। इमरान की परमाणु हमले की धमकी गैर जिम्मेदार वाली।

-इमरान खान का बयान नफरत से भरा हुआ। UNGA के मंच का इमरान ने दुरुपयोग किया। आतंकियों को पेंशन देता है पाकिस्तान। इमरान ने जो भा कहा, झूठ कहा।

करीब 50 मिनट के भाषण में इमरान का सबसे ज्यादा फोकस कश्मीर पर रहा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि परमाणु शक्ति संपन्न दोनों पड़ोसियों के बीच टकराव हुआ तो उसके नतीजे उनकी सीमाओं से परे जाएंगे। यदि दोनों देशों के बीच पारंपरिक युद्ध हुआ तो कुछ भी हो सकता है। एक देश, जो अपने पड़ोसी से सात गुना छोटा है, उसके समक्ष यह परिस्थिति है...या तो आप आत्मसमर्पण कर दे अथवा आप अपनी स्वतंत्रता के लिए मृत्युपर्यन्त लड़ता रहे।

उन्होंने कहा जब कर्फ्यू हटेगा तो कश्मीर में प्रतिक्रिया होगी और भारत पाकिस्तान पर दोषारोपण करेगा।

इमरान से पहले बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध दिए हैं। मोदी ने कहा, 'आतंक के नाम पर बंटी दुनिया उन सिद्धांतों को ठेस पहुंचाती है, जिनके आधार पर संयुक्त राष्ट्र का जन्म हुआ। मैं समझता हूं कि आतंकवाद के खिलाफ पूरे विश्व का एकजुट होना अनिवार्य है। हमारा मानना है कि यह किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि पूरे विश्व एवं मानवता के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। हम उस देश के वासी हैं जिसने दुनिया को युद्ध नहीं, बुद्ध दिए हैं।'

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