Imran Khan के UN संबोधन से पहले न्यूयॉर्क में एक्टिविस्टों ने खोली पाक की पोल, सुनाई दर्द की दास्तां   

दुनिया
Updated Sep 27, 2019 | 18:01 IST

Pakistan Minorities at United Nations : एक्टिविस्टों ने पाकिस्तान के झूठ एवं प्रोपगैंडा की कलई खोल दी है। उनका कहना है कि पाक अपने यहां मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन करता है लेकिन उस पर बात नहीं करना चाहता।

In New York Activists recount Pakistan atrocities on minorities before Imran Khan Address to UN
न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन।  |  तस्वीर साभार: Facebook

मुख्य बातें

  • यूएन के 74वें सत्र को आज संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी और इमरान खान
  • न्यूयॉर्क की सड़कों पर एक्टिविस्टों ने पाकिस्तान के अत्याचार की खोली पोल
  • हिंदू, सिंधी, पश्तून, बलूचों पर होने वाले जुर्म एवं ज्यादती का किया जिक्र

न्यूयॉर्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के पीएम इमरान खान संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 74वें सत्र को शुक्रवार को संबोधित करेंगे। इस सत्र पर देश और दुनिया की नजरें टिकी हैं। समझा जाता है कि प्रधानमंत्री मोदी इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के जरिए पाकिस्तान पर निशाना साधेंगे जबकि इमरान खान कश्मीर मसले को उठाएंगे। यूएन के इस सत्र में पाकिस्तान ने कश्मीर मसले को एक मुद्दा बनाने असफल कोशिश की है। इमरान खान अपने संबोधन में कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन का जिक्र करने वाले हैं लेकिन उनकी इस स्पीच से पहले न्यूयॉर्क की सड़कों पर पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों एवं अन्य समुदायों पर होने वाले अत्याचार एवं जुल्म के खिलाफ आवाज उठने लगी है। पाकिस्तान और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से यूएन के इस सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे एक्टिविस्टों ने पाकिस्तान के झूठ और प्रोपगैंडा का पर्दापाश किया है। 

एक्टिविस्टों ने टाइम्स नाउ से खास बातचीत की है और उन्होंने पाकिस्तान में हिंदू समुदाय सहित अन्य अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचार एवं जुल्म की बेइंतहां कहानी बताई है। एक्टिविस्टों का कहना है कि पाकिस्तान कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप तो लगा रहा है लेकिन वह अपने यहां हिंदू, सिख, ईसाई, सिंधी, पश्तूनों और अहमदियों के मानवाधिकारों गंभीर उल्लंघन कर रहा है लेकिन वह इस पर चुप है। एक्टिविस्टों का कहना है कि वे चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र की टीम पाकिस्तान का दौरा कर वहां मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं की जांच और इमरान खान से सवाल करे। 

अमेरिका में एमक्यूएम के प्रमुख और पार्टी के लिए फंड का प्रबंध करने वाले रेहान इबादत ने कहा, 'पाकिस्तान में अलग-अलग कौमों के साथ होने वाले जुल्म एवं ज्यादती के खिलाफ हम आवाज उठा रहे हैं। सिंध और कराची के इलाकों में मुहाजिरों के साथ अन्याय हो रहा है। एमक्यूएम के प्रमुख अल्ताफ हुसैन की रैलियों पर प्रतिबंध है और उनकी आवाज दबाई जा रही है। एमक्यूएम सिंधी, बलूचों और पंजाबियों के हक में आवाज उठाती आई है। पाकिस्तान हम लोगों को मुहाजिर कहते हैं, हमें अपना नहीं मानते। अगर वे हमें अपना नहीं मान सकते तो वे हमें अलग कर दें।'

पाकिस्तान के अत्याचार एवं जुर्म के खिलाफ आवाज उठाने के लिए हिंदू समुदाय के लोग भी न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। हिंदू छात्रा नम्रता के लिए लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। एक सोशल एक्टिविस्ट ने कहा, 'नम्रता की आत्महत्या के कोई साक्ष्य नहीं हैं। उसे साजिश के तहत मारा गया। बशीर कुरैशी, बेनजीर भुट्टो को किसने मारा। पाकिस्तान की फौज और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई साजिश रचकर लोगों की हत्या करती हैं। पाकिस्तान में हिंदुओं को तीन विकल्प दिए जाते हैं। पहला वे मुस्लिम धर्म कबूल कर लें। दूसरा, धर्म नहीं बदलते तो देश छोड़ दें और तीसरा, फिर मरने के लिए तैयार रहें।'

नेपाल से पहुंचीं एक महिला एक्टिविस्ट ने कहा, 'पाकिस्तान में दलितों एवं अल्पसंख्यों को निशाना बनाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। इन ज्यादतियों के खिलाफ हमें खड़ा होना है।' एक अन्य एक्टिविस्ट ने कहा कि पाकिस्तान में सिंधी समुदाय पर जुल्म हो रहा है। हम चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र सिंधियों के लिए कोई नीति बनाए। इसके लिए हमें भारत, यूएन और वैश्विक समुदाय का समर्थन चाहिए।'

एक्टिविस्ट ने कहा, 'पाकिस्तान में जुल्म और ज्यादती हो रही है। हम चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार टीमें पाकिस्तान का दौरा करें और वहां अलग-अलग समुदायों पर होने वाले अत्याचारों को देखें। पाकिस्तान की सरकार एवं उसकी फौज अपने हक एवं अधिकार के लिए आवाज उठाने वाले लोगों को जबरन मुंह बंद कर देती हैं। हम चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र पाकिस्तान में होने वाली ज्यादती और मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में इमरान खान से सवाल पूछे।'

  

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