'भूटान भी चाहता है भारत बने UNSC का स्थाई सदस्य': रुचिरा कंबोज

दुनिया
Updated Aug 16, 2019 | 15:27 IST | टाइम्स नाउ डिजिटल

भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्य के रूप में शामिल नहीं है और वह लंबे समय से इसमें शामिल होने की मांग करता रहा है। वहीं चीन हर बार भारत का UNSC में शामिल होने का विरोध करता रहा है।

UNSC
भूटान भी चाहता है कि भारत UNSC का स्थाई सदस्य बने 

मुख्य बातें

  • रुचिरा कंबोज ने कहा कि भूटान भी चाहत है कि भारत UNSC का सदस्य बने
  • UNSC के स्थाई सदस्य देशों की सूची में शामिल नहीं है भारत
  • चीन अपने वीटो पॉवर का प्रयोग करके भारत के स्थाई सदस्य बनने का करता है विरोध

नई दिल्ली: भूटान में भारत की राजदूत रुचिरा कंबोज ने कहा है कि भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता की मांग का समर्थन करता है। रुचिरा कंबोज ने कहा,'भूटान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थाई सदस्यता के लिए भारत की मांग का तहे दिल से समर्थन करता है। वास्तव में, भूटान ने कहा है कि यह एक विसंगति है कि भारत आज सुरक्षा परिषद में नहीं है, जबकि उसे इसमें होना चाहिए।'

पाकिस्तान बैखला उठा है
बता दें कि अभी हाल ही में भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा खत्म करते हुए प्रदेश से अनुच्छेद 370 को भी समाप्त करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने जम्मू- कश्मीर और लद्दाख को अलग करते हुए दोनों को अलग- अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने की घोषणा की थी। भारत सरकार के इस कदम से पाकिस्तान बैखला गया था और उसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे उठाने की कोशिश की थी।

UNSC में उठे जम्मू- कश्मीर मुद्दा: चीन
हालांकि पाकिस्तान के मंसूबों पर अन्य देशों ने पानी फेरते हुए उसकी मांग को ठुकरा दिया था। जिसके बाद पाकिस्तान अपना दुखड़ा रोने अपने मित्र चीन के पास पहुंचा था। अब चीन ने जम्मू -कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की मांग की है और साथ ही इस पर मंत्रणा बंद कमरे में भी करने को कहा है। चीन ने इसके साथ ही ये भी मांग की है कि इस चर्चा का मीडिया कवरेज न किया जा सके। 
Xi Jinping

क्या है यूएनएससी?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) संयुक्त राष्ट्र (यूएन)  के 6 प्रमुख अंगों में से एक है। इसका मुख्य काम अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बनाए रखना है। इसके साथ ही सुरक्षा परिषद के पास अनिवार्य फैसलों को घोषित करने का अधिकार भी होता है। संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य हैं। जिसमें 5 स्थाई और 10 अस्थाई सदस्य हैं।

UNSC

UNSC  का स्थाई सदस्य नहीं है भारत
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी)  में कुल पांच देश स्थाई सदस्य के तौर पर शामिल हैं। इसमें फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका, रूस और चीन जैसे देश शामिल हैं। बता दें कि भारत बीते लंबे समय से यूएनएससी में स्थाई सदस्य को तौर पर शामिल होने की मांग करता रहा है, लेकिन चीन हर बार अपना वीटो पॉवर लगाकर भारत की मांग को रोक देता है। 
 

रुचिरा कंबोज ने कहा,'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूटान यात्रा (17-18 अगस्त को) एक निरंतरता के रूप में देखी जा सकती है, जो भारत-भूटान की एक मजबूत साझेदारी है। दोनों देशों के बीच 10 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और पांच उद्घाटन होंगे।'

उन्होंने कहा,'इस यात्रा में आप जो भी पहल देखेंगे (प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की 17-18 अगस्त को भूटान की यात्रा), वह 5 वर्ष में पीएम मोदी के अतीत के दौरान की गई कड़ी मेहनत का परिणाम है।'

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर 17 अगस्त को भूटान जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान भारत और भूटान के बीच कई अहम समझौते हो सकते हैं। वहीं इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान में छात्रों को संबोधित भी करेंगे।  रुचिरा कंबोज के मुताबिक, रॉयल यूनिवर्सिटी ऑफ भूटान भारत के साथ  4 एमओयू पर भी हस्ताक्षर करेगा।

Times now
Mirror Now
ET Now
zoom Live
Live TV
अगली खबर