शिंजो आबे की हत्या का असर पड़ा मतदान पर! जापान की सत्तारूढ़ पार्टी जीत की ओर अग्रसर

दुनिया
भाषा
Updated Jul 10, 2022 | 23:00 IST

पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के मद्देनजर संभवत: सहानुभूति वोट मिलने के चलते इस तरह के चुनाव परिणाम देखने को मिले हैं।  सत्तारूढ़ पार्टी और इसकी जूनियर गठबंधन साझेदार कोमैतो सदन में बहुमत हासिल करती नजर आ रही है।

Assassination of Shinzo Abe had an impact on the voting! Japan's ruling party headed for victory
पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या की वजह से सत्तारूढ़ पार्टी को मिले सहानुभूति वोट  |  तस्वीर साभार: Twitter

टोक्यो: जापान की सत्तारूढ़ पार्टी और इसके गठबंधन साझेदार ने संसदीय चुनाव में रविवार को बड़ी जीत दर्ज की। पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की हत्या के मद्देनजर संभवत: सहानुभूति वोट मिलने के चलते इस तरह के चुनाव परिणाम देखने को मिले हैं। संसद के उच्च सदन के लिए हुए चुनाव के शुरूआती परिणामों में आबे की सत्तारूढ़ पार्टी और इसकी जूनियर गठबंधन साझेदार कोमैतो सदन में बहुमत हासिल करती नजर आ रही है।

शुरूआती मतगणना में सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी 248 सदस्यीय उच्च सदन में अपने गठबंधन साझेदारों के साथ 143 सीट हासिल करने की राह पर बढ़ती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने रविवार को हुए मतदान के बारे में कहा कि यह अत्यधिक महत्वपूर्ण है कि हमने चुनाव प्रक्रिया पूरी की। लोकतंत्र बचाने की हमारी कोशिश जारी है। आबे की हत्या के दो दिन बाद रविवार को संसद के उच्च सदन के लिए वोट डाले गये।

इस बीच, पुलिस ने पश्चिमी जापान में आबे के कथित हत्यारे को आगे की जांच के लिए स्थानीय अभियोजक कार्यालय को सौंप दिया। एक शीर्ष क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी ने सुरक्षा में संभवत: चूक होने की बात स्वीकार की है जिसके चलते हमलावर आबे के इतने करीब पहुंच सका और गोली मार कर उनकी हत्या कर दी।

जापान के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार आबे की शुक्रवार को एक चुनाव सभा के दौरान भाषण देते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक माने जाने वाले जापान में इस घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया, जहां बंदूक नियंत्रण संबंधी कड़े कानून हैं।
आबे (67) पर देश के पश्चिमी हिस्से के नारा में भाषण शुरू करने के कुछ मिनटों बाद हमलावर ने गोली चलाई थी। आबे को विमान से एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी सांस नहीं चल रही थी और उनकी हृदय गति रुक गयी थी। पुलिस ने मौके से जापान की नौसेना के एक पूर्व सदस्य तेत्सुया यामागामी को गिरफ्तार किया था।

रविवार के संसदीय चुनाव से पहले आबे की हत्या ने देश को झकझोर कर रख दिया और यह सवाल खड़ा हुआ कि क्या पूर्व प्रधानमंत्री को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान नहीं की गई थी। प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और उनके कैबिनेट मंत्री देशभर में अन्य चुनाव प्रचार अभियानों को बीच में रोक कर टोक्यो लौट आए थे। प्रधानमंत्री किशिदा ने इस हमले को कायराना और बर्बर करार दिया था।
 

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