Austrlia Fire: 1 अरब से ज्यादा जानवर जलकर हुए खाक, नहीं बुझ रही ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग 

दुनिया
Updated Jan 09, 2020 | 16:08 IST

Austrlia Bushfire one billion animals killed: ऑस्ट्रेलिया के कुछ राज्यों में लगी आग की विभीषिका बढ़ती ही जा रही है और बताया जा रहा है कि करीब 1 अरब जानवर  इस आग की भेंट चढ़ चुके हैं। 

Austrlia Fire: 1 अरब से ज्यादा जानवर जलकर हुए खाक, नहीं बुझ रही ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग 
आग की विभीषिका में इंसानों की जान के अलावा तमाम जानवरों की भी जान गई है 

नई दिल्ली: सर्वविदित है कि आग (Fire) की तपिश बहुत ज्यादा होती है और ये आग अगर जंगलों में लगी हो तो उसे बढ़ने से रोकना बेहद ही मुश्किल होता है क्योंकि आग को बढ़ाने वाले सारे कारक वहां मौजूद होते हैं, ऑस्ट्रेलिया (Austrlia) कुछ ऐसी ही स्थिति से इन दिनों दो चार हो रहा है, वहां के जंगलों में लगी आग के चलते बताया जा रहा है कि करीब 1 अरब से भी ज्यादा जानवर अपनी जान गंवा बैठे हैं। 

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में ये आग लगे हुए भी थोड़ा बहुत समय नहीं हुआ है बल्कि ये करीब 4 महीने से लगी है, पिछले साल सितंबर महीने में विक्टोरिया, न्यू साउथ वेल्स में ये आग लगी थी ये आग बढ़ती ही जा रही है इस आग की तबाही इतनी ज्यादा है कि इस हादसे में एक अनुमान के मुताबिक 1,400 से अधिक परिवार इन स्थितियों से विस्थापित हो गए हैं और कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है, आग की तपिश अब सिडनी तक महसूस की जा रही है।

ये तो हुई इंसानों की जान, जान तो हर किसी की कीमती होती है, इस आग की विभीषिका में इंसानों की जान के अलावा तमाम जानवरों की भी जान गई है, ये वो जानवर हैं जो ऑस्ट्रेलिया के इन जंगलों में आराम से घूमते थे, जिन जानवरों की जान गई हैं उसमें स्तनधारी पशु, पक्षी और रेंगने वाले जीव सभी शामिल हैं। जिन जानवरों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा उनमें राष्ट्रीय पशु कंगारू, कोआला भालू, ऊंट आदि प्रमुख हैं हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि वहां कितने जानवर मौजूद हैं।

आग से बचकर भाग रहे जानवरों की हुई दर्दनाक मौत
वहां इतना दर्दनाक मंजर है कि जंगल में आग का प्रभाव बढ़ने के बाद बेचारे निरीह जानवर अपनी जान बचाने के लिए आबादी वाले इलाकों की ओर भाग रहे हैं, मीडिया में इन जानवरों की मौत की बेहद दर्दनाक तस्वीरें भी सामने आईं है जिन्हें देखकर लोगों में बेहद दुख है बताया जा रहा है कि इस भीषण आग की चपेट में आकर करीब 1 अरब जानवरों अपनी जान गंवा बैठे हैं।

 

हालांकि इसको लेकर अभी आधिकारिक आंकड़े जारी करना बाकी है, लेकिन एक जैवविविधता विशेषज्ञ द्वारा दावा किए गए अनुमानों का मानना ​​है कि झाड़ियों में आग से करीब एक अरब जानवरों की मौत हो सकती है। 

आग पर काबू पाने के लिए की जा रही हैं तमाम कोशिशें
ऑस्ट्रेलिया सरकार इस आग को बुझाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयासरत है और अपने सारे संसाधनों को झोंक रखा है वहीं जानवरों को बचाने के लिए भी ऑस्ट्रेलियाई सरकार रेस्क्यू अभियान चला रही है और तमाम जानवरों को बचाया भी गया है वहीं आग में फंसे दूसरे जानवरों को बचाने के लिए कईं संस्थाएं लगी हुई हैं।  

बताया जा रहा है कि साल 2019 ऑस्ट्रेलिया का खासा गर्म वर्ष माना जा रहा है ऐसे में बढ़ती गर्मी के कारण और जंगलों की झाड़ियों ने भी आग को फैलने में अहम रोल निभाया है जिससे ये देश इतने गंभीर संकट का सामना कर रहा है। 

मारे जायेंगे करीब 10 हजार ऊंट
ऑस्ट्रेलिया में लगी आग की तीव्रता इतनी ज्यादा है कि ये कम होने में नहीं आ रही है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रशासन आग के चलते पानी की कमी का सामना कर रहा है और बताया जा रहा है कि वहां के प्रशासन ने साउथ ऑस्ट्रेलिया में मौजूद क़रीब दस हजार जंगली ऊंट मारने का फैसला लिया है।

ऐसा निर्णय लेने के पीछे प्रशासन का तर्क है कि ऊंट सूखे की मार की चपेट वाले क्षेत्र में ज्यादा पानी पी जाते हैं जबकि वहां पहले से ही पानी की कमी है। ऐसे में वहां मौजूद करीब 10 हजार जंगली ऊंट मारने की बात कही जा रही है। 

देश-दुनिया के लोग हैं इसको लेकर बेहद चिंतित
ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप के लिए पूरे देश और दुनिया में प्रार्थनायें की जा रही हैं  जो आग, रिकॉर्ड गर्मी और तेज हवाओं से तबाह हो गया है। हाल के आंकड़ों से पता चला है कि झाड़ियों ने 15.6 मिलियन एकड़ भूमि को जला दिया है।

जंगल की आग को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने 13 जनवरी से शुरू होने वाली अपनी चार दिवसीय भारत यात्रा भी कैंसिल कर दी है।वहीं सरकार आग की विभीषिका को देखते हुए आपात स्थिति घोषित करते हुए निवासियों, पर्यटकों को वहां से निकालने में जुटी है। 

 

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