Twin Towers के गिरते वक्त ऐसा था तबाही का मंजर, तस्वीरें देख कांप जाएंगे

Aug 28, 2022
By: Aditya Sahu

ट्विन टावर्स बने इतिहास

नोएडा में आज यानी 28 अगस्त की दोपहर 2.30 बजे सुपरटेक के दोनों ट्विन टावर्स को विस्फोटक लगाकर ढहा दिया गया।

Credit: ani

ताश के पत्तों की तरह ढहे

महज चंद सेकेंड में ताश के पत्तों की तरह भरभरागर ढह गए नोएडा के बहुचर्चित ट्विन टॉवर्स

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इलाके में छा गया था अंधेरा

जिस समय इमारत में विस्फोट हुआ, उसके बाद पूरे इलाके में भारी धुएं का गुबार छा गया। यहां तक कि दिन में अंधेरा सा छा गया था।

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धूल भरे गुबार

इन टावरों के विस्फोट से उत्पन्न हुई धूल हवा में काफी दिनों तक रह सकती है। इसके अलावा मलबा हटाने के समय भी धूल के हवा में फैलने की संभावना है। इससे प्रदूषण तो फैलेगा ही। जिस कारण सांस वाले मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

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सुरक्षा के कड़े इंतजाम

ट्विन टॉवर्स को गिराते समय करीब 650 पुलिसकर्मी, रिजर्व फोर्स के 100 जवान, NDRF की टीमें को भी लगाया गया था। इसके अलावा एंबुलेंस, दमकल की गाड़ियां और पानी के टैंकर को भी एहतियातन बुलाया गया था।

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नोएडा के सेक्टर 93ए में बने थे टॉवर्स

साल 2009 में दिल्ली से सटे नोएडा के सेक्टर 93ए में सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट हाउसिंग सोसाइटी के भीतर ‘एपेक्स’ (32 मंजिल) और ‘सियान’ (29 मंजिल) नाम के दो टॉवर बनाए गए थे।

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3700 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल

कुतुब मीनार से भी ऊंची 100 मीटर के इन टॉवरों को गिराने के लिए 3700 किलोग्राम से ज्यादा विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया।

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80,000 टन मलबा

ट्विन टॉवर्स को गिराने के बाद 80000 टन मलबा निकला है। जिसका निस्तारण करने में तीन महीने से ज्यादा का समय लगेगा।

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बनाने में खर्च हुए थे 300 करोड़

ट्विन टॉवर्स को बनाने में 300 करोड़ रुपये का खर्च आया था। जिसकी वर्तमान में कीमत 700-800 करोड़ रुपये बताई जा रही थी।

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