IAC Vikrant से थर-थर कांपेंगे दुश्मन, कहा जाता है 'समंदर का महाबली'

Sep 2, 2022
By: Aditya Sahu

PM मोदी ने नौसेना को सौंपा

IAC Vikrant को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौसेना को सौप दिया है। इसके साथ ही भारत दुनिया के उन 6 देशों के एलीट ग्रुप में शामिल हो गया है, जो 40 हजार टन का एयरक्रॉफ्ट कैरियर बनाने में सक्षम हैं। इसमें 76 फीसदी कल-पुर्जे स्वदेशी हैं।

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खास तौर से किया गया डिजाइन

IAC विक्रांत को कम एरिया में टेक ऑफ और लैंडिंग के लिए खास तौर से डिजाइन किया गया है। इसे STOBAT (शॉर्ट टेक-ऑफ बट, आरेस्टेड लैंडिंग) के रूप में डिजाइन किया गया है। इसके आगे का हिस्सा ज्यादा उठा है। इससे एयरक्रॉफ्ट कम जगह में आसानी से टेक ऑफ और लैंड कर सकता है।

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ईंधन के लिए 250 टैंकर

IAC विक्रांत में ईंधन के लिए 250 टैंकर लगे हुए हैं। इसमें 24000 किलोवॉट बिजली का उत्पादन हो सकेगा।

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दो फुटबॉल फील्ड के बराबर

IAC विक्रांत साइज में दो फुटबॉल फील्ड के बराबर है। इसके किचन में एक घंटे में 3000 रोटियां बन सकती है। इसमें 16 बेड वाला अस्पताल भी है।

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1600 क्रू मेंबर्स रह सकते हैं एक साथ

IAC विक्रांत एयरक्रॉफ्ट में 2400 कंपार्टमेंट हैं। इसमें 1600 क्रू मेंबर्स रह सकते हैं।

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18 मंजिल इमारत के बराबर ऊंचाई

IAC विक्रांत की ऊंचाई 18 मंजिल की इमारत के बराबर है।

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चीन पर नकेल कसेगा भारत

'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल' रणनीति के तहत चीन भारत के चारों ओर अपने नौसैनिक अड्डों का बेस बना रहा है। IAC विक्रांत के जरिए भारत हिंद महासागर में चीन की 'स्ट्रिंग ऑफ पर्ल' रणनीति पर नकेल कस सकेगा।

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भारत दुनिया का चौथा सबसे शक्तिशाली देश

'ग्लोबल फॉयर पॉवर इंडेक्स' रिपोर्ट की मानें तो इस समय भारत सैन्य क्षमता के मामले में दुनिया का चौथा सबसे शक्तिशाली देश है। वहीं, हमारा पड़ोसी देश चीन तीसरा सबसे शक्तिशाली देश है।

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चीन के बराबर एयरक्राफ्ट कैरियर

भारतीय नौसेना से IAC विक्रांत के जुड़ने के बाद भारत के पास भी चीन की ही तरह अब 2 एयरक्रॉफ्ट कैरियर हो गए हैं।

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