देश का अनोखा गांव, जहां इंसान नहीं कुत्ते हैं करोड़पति

Aug 11, 2022
By: Medha Chawla

करोड़पति कुत्ते

इस दुनिया में कई बार ऐसी चीजें सुनने को मिल जाती हैं, जिनपर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। आज हम आपको ऐसी सच्चाई से रू-ब-रू कराने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानकर हो सकता है उस पर आपको यकीन करना मुश्किल हो जाए लेकिन यह सच है। आज तक आपने इंसानों को करोड़पति बनते देखा होगा या उसके बारे में सुना होगा। लेकिन, कभी सुना है कुत्ते भी करोड़पति होते हैं। यकीनन आपका जवान ना होगा। लेकिन, एक गांव ऐसा है जहां इंसान नहीं बल्कि कुत्ते करोड़पति हैं।

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जमींदार कुत्ते

गुजरात के मेहसाणा स्थित पंचोट गांव में जमींदार कोई इंसान नहीं बल्कि कुत्ते हैं। इस गांव में मौजूद कुत्ते करोड़पति हैं

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ट्रस्ट की जमीन से अमीर हुए कुत्ते

अब आप सोच रहे होंगे कि ये कुत्ते आखिर करोड़पति कैसे हो सकते हैं तो बता दें कि ये कुत्ते गांव में ट्रस्ट के नाम पड़ी जमीन से करोड़ों कमाते हैं।

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जमीनों के दाम आसमान छू रहे

जानकारी के मुताबिक, करीब एक दशक से जब से इस गांव की जमीनों के दाम आसमान छूने लगे हैं, मेहसाणा बाईपास बनने का सबसे बड़ा फायदा गांव के कुत्तों को हुआ है।

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ट्रस्ट के पास 21 बीघा जमीन

'मढ़ नी पती कुतरिया ट्रस्ट' के पास गांव की 21 बीघा जमीन है। बड़ी बात ये है कि इस जमीन से होने वाली आय कुत्तों के नाम कर दी जाती है।

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करोड़ों में जमीन की कीमत

वहीं, जमीन की कीमत की बात करें तो बाईपास के पास होने की वजह से इसकी कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये प्रति बीघा है। इस ट्रस्ट के पास करीब 70 कुत्ते हैं। ऐसे में हर कुत्ते के हिस्से में लगभग एक-एक करोड़ रुपए आते हैं।

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'जीवदया' प्रथा से जन्मी ये परंपरा

ट्रस्ट के अध्यक्ष छगनभाई पटेल का कहना है कि कुत्तों में ट्रस्ट का हिस्सा बांटने की परंपरा की जड़ गांव की सदियों पुरानी 'जीवदया' प्रथा से जन्मी है, जो आज तक निभाई जा रही है।

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परंपरा की शुरुआत अमीर लोगों ने की

इस परंपरा की शुरुआत अमीर परिवारों ने की, जो दान दिए गए जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों से आरम्भ हुई थी।

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लोगों ने जमीन दान कर दी

कई मामलों में लोगों ने टैक्स न चुका पाने की स्थिति में जमीन दान कर दी। इस जमीन का रख-रखाव पटेल किसानों के एक समूह ने करीब 70-80 साल पहले शुरू किया था, जो आज तक जारी है।

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