भारत में चाय का स्‍वर्ग - दार्जिलिंग

By: Medha Chawla
Oct 23, 2020

पॉपुलर टूर‍िस्‍ट प्‍लेस

वेस्‍ट बंगाल का दार्जिलिंग एक पॉपुलर टूर‍िस्‍ट स्‍पॉट है जहां नेचर और एडवेंचर लवर्स, दोनों ही जाना पसंद करते हैं।

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टाइगर हिल

दार्जिलिंग से 11 किमी दूर है टाइगर हिल, जहां आप पैदल या फिर जीप के जरिए ही पहुंच सकते हैं। यह 2,590 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

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बतासिया लूप

टॉय ट्रेन की सैर के दौरान आपको यह खूबसूरत नजारा द‍िखेगा। यहां से गुजरते वक्त ट्रेन पूरे 360 डिग्री घूम जाती है।

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सक्या मठ

यह सक्या सम्‍प्रदाय का ऐतिहासिक और महत्‍वपूर्ण मठ है। इसकी स्‍थापना 1915 में हुई थी। यह दार्जिलिंग से 8 क‍िमी की दूरी पर है।

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रॉक गार्डन

चट्टानों और पहाड़ों को काटकर रॉक गार्डन को बनाया गया है। यहां कलाकृत‍ियों के अलावा ड‍िजाइन और हर‍ियाली भी लुभाती है।

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विक्टोरिया वॉटरफॉल

ये वॉटरफॉल आपको अलग ही दुनिया में लेकर जाते हैं। सैलानी यहां आना बेहद पसंद करते हैं और खासा वक्‍त ब‍िताते हैं।

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घूम रॉक

घूम रॉक दार्जिलिंग का एक पर्यटक व्यू पॉइन्ट है और बहुत ही सुन्दर घाटी भी है। यहां से सूर्योदय का नजारा बेहद दिलकश और सुन्दर लगता है।

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हैपी वैली टी एस्‍टेट

दार्जिलिंग का ये चाय बागान दुनिया का दूसरा सबसे पुराना चाय का बागान है। इसकी स्थापना सन 1854 में की गई थी।

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रोपवे

रोपवे को 2012 में पर्यटकों के ल‍िए दोबारा खोला गया था। इसमें सफर करते हुए आप झरने, पहाड़, चाय के बागान इन सब का आनंद उठा सकते हैं।

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जापानी मंदिर

यह भारत के 6 शांति स्‍तूपों में से एक है। इसकी स्‍थापना महात्‍मा गांधी के मित्र फूजी गुरु ने की थी। इसे 1992 में आम लोगों के ल‍िए खोला गया था।

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दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे

UNESCO की तरफ से इसे सन 1919 में विश्व धरोहर स्थल घोषित कर दिया गया था। इसे टॉय ट्रेन के नाम से भी जाना जाता है ज‍िसका न‍िर्माण 1881 के करीब हुआ था।

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