हम्‍पी : मंद‍िरों और इतिहास की कथाओं का शहर

By: मेधा चावला
Jun 1, 2020

कहां है हम्‍पी

यह ऐतिहासिक गांव कर्नाटक के बेल्लारी जिले में स्थित है। यह विजयनगर साम्राज्य की राजधानी था। उस दौर के कई मंदिर समूहों के अवशेष आज भी यहां मौजूद हैं।

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समृद्ध इतिहास

1986 में हम्‍पी को यूनेस्को विश्व विरासत स्थल घोषित क‍िया गया था। यहां के 7वीं शताब्दी में बना हिंदू विरुपक्शा मंदिर, विट्टला मंदिर और पत्थरों से बने रथ दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं।

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मथंग पहाड़ी मंदिर

यह एक खूबसूरत पहाड़ी जगह है। तो मंद‍िर तक पहुंचने के ल‍िए आपको काफी चढ़ाई करनी होगी। वैसे यहां एडवेंचर के शौकीन भी पहुंचें।

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विरुपाक्ष मंदिर

इस मंद‍िर को हम्‍पी का नगीना माना जाता है। इसका निर्माण 7वीं शताब्‍दी के आसपास हुआ था। इसकी वास्‍तुकला आपको कई सद‍ियां पीछे ले जाएगी।

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विठाला मंदिर

इसे पत्‍थर को तराश कर बनाया गया है। इसकी खम्बे वाली दीवारों को थपथपाने पर इनमें से संगीत सुनाई देता है। वहीं पत्‍थर का रथ वास्तुकला का अद्भुत नमूना है।

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हेमकुटा हिल टेम्पल

यह ऐतिहासिक स्थल एक खुला पहाड़ी क्षेत्र है। यहां की प्राचीन वास्तुकला और प्राकृतिक आकर्षण बेमिसाल है। साथ ही ये जगह धार्म‍िक महत्‍व भी रखती है।

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स‍िस्‍टर्स स्‍टोंस

हम्पी के दो पत्थर त्रिकोण आकार में जुड़े हुए हैं। इन्हें सिस्टर स्टोंस कहते हैं। इसकी कहानी है - दो ईर्ष्यालु बहनें हम्पी आईं तो इसकी बुराई करने लगीं। तब शहर की देवी ने उनको पत्थर में बदल दिया।

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पम्पा सरोवर

हिंदू धर्मशास्त्र में वर्ण‍ित पंच सरोवरों में एक नाम पम्‍पा सरोवर का भी है। यह तुंगभद्रा नदी के दक्षिण में स्थित है। (WANDERFULPASSPORT)

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रामायण में ज‍िक्र

पौराणिक ग्रंथ रामायण में भी हम्पी का उल्लेख है। इसे वानर राज्य किष्किन्धा की राजधानी के तौर पर किया गया है। शायद यही वजह है कि यहां कई बंदर हैं।

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कब, कैसे पहुंचे

हवाई मार्ग से हुबली और रेल मार्ग से हॉस्पेट जंक्शन - ये हम्‍पी के सबसे नजदीकी हैं। सड़क मार्ग भी अच्‍छा है। अक्‍टूबर से फरवरी के बीच हम्‍पी जाने का सबसे सही समय है।

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