हर भारतीय का गर्व - मैरी कॉम

By: Shivam Pandey
Jun 28, 2020

महिला बॉक्सिंग को पहचान दिलाई

मैरी कॉम एक ऐसा नाम जिसने न केवल महिला बॉक्सिंग को पहचान दिलाई बल्कि कई प्रतियोगिताओं में देश के झंडे को भी ऊंचा किया है। मणिपुर प्रदेश के छोटे से गांव में जन्मी मैरी कॉम ने खेल के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा चुकी हैं।

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मोहम्मद अली से मिली प्रेरणा

मैरी कॉम को बॉक्सर बनने की प्रेरणा मोहम्मद अली से मिली थी। मैरी कॉम बचपन में टीवी पर मोहम्मद अली को मुक्केबाजी करते देखती थीं।

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घरवालों के खिलाफ जाकर शुरू की थी बॉक्सिंग

मैरी कॉम के घरवालों की मर्जी की खिलाफ जाकर बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ली थी। शुरुआत में कई लोग उनका मजाक बनाया करते थे।

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200 में जीती राज्य स्तर की चैंपियनशिप

मैरी कॉम ने साल 200 में राज्य स्तर की चैंपियनशिप जीतकर सबका मुंह बंद कर दिया था।

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6 विश्व प्रतियोगिताओं में पदक जीता

मैरी कॉम अकेली महिला मुक्केबाज़ हैं, जिन्होंने अपनी सभी 6 विश्व प्रतियोगिताओं में पदक जीता है।

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2012 के लंदन ओलिंपिक्स में कांस्य पदक

मैरी कॉम ने साल 2012 के लंदन ओलिंपिक्स में कांस्य पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया था।

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कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक

मैरी कॉम ने साल 2018 में कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था।

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5 स्वर्ण और एक रजत पदक

एशियन गेम्स महिला मुक्केबाजी प्रतियोगिता में उन्होंने 5 स्वर्ण और एक रजत पदक जीता है।

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2016 में राज्य सभा के लिए नोमनेट

मैरी कॉम को साल 2016 में राज्य सभा के लिए नोमनेट किया गया। उन्हें भारत सरकार से पद्मश्री, पद्मविभूषण और पद्मभूषण जैसे सम्मान मिल चुके हैं।

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2005 में की शादी

मैरी कॉम ने साल 2005 में ओन्लर कॉम से शादी की। मैरी के तीन बच्चे भी हैं।

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लाइफ पर बनी फ‍िल्‍म

मैरी कॉम की ऑटोबायोग्राफी का नाम अनब्रेकेबल है। उन पर बनी फ‍िल्‍म में प्र‍ियंका चोपड़ा ने लीड रोल निभाया था।

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