बड़ा मुक्‍केबाज - विजेंदर सिंह

Jan 6, 2021

By: Kuldeep Raghav

नंबर-1 मुक्‍केबाज

अंतरराष्‍ट्रीय मुक्‍केबाजी एसोसिएशन ने 2009 में विजेंद्र को नंबर-1 रैंक दिया। उन्‍होंने 75 किग्रा मिडिलवेट वर्ग में रहकर पहला स्‍थान हासिल किया।

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झेली मुश्‍क‍िलें

विजेंदर सिंह ने परिवार को सहारा देने के ल‍िए बॉक्‍स‍िंग शुरू की थी। उनके पापा हर‍ियाणा रोडवेज में ड्राइवर थे और खर्च के ल‍िए ओवरटाइम करते थे।

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बीजिंग ओलिंपिक

विजेंदर साल 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में ब्रोन्ज मेडल जीतकर फेमस हुए थे। वहीं अब वे प्रोफेशनल बॉक्सिंग में लगातार मैच जीत रहे हैं।

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एशियन गेम्‍स में स्‍वर्ण

दो साल के बाद विजेंदर ने एशियन गेम्‍स में स्‍वर्ण पदक जीता। उन्‍होंने दो बार के विश्‍व चैंपियन उज्‍बेकिस्‍तान के अब्‍बोस एटोव को फाइनल मुकाबले में 7-0 से एकतरफा हराया।

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राजीव गांधी खेल रत्‍न

विजेंदर सिंह भारतीय खेलों के सर्वश्रेष्‍ठ पुरस्‍कार राजीव गांधी खेल रत्‍न से सम्‍मानित हो चुके हैं।

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ड्रग्‍स लेने का आरोप

2013 में विजेंदर के करियर में सबसे बड़ा मोड़ आया। पंजाब पुलिस ने उन पर एनआरआई से कई बार ड्रग्‍स खरीदने का आरोप लगाया। हालांकि उन पर मामला साबित नहीं हुआ।

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मुक्‍केबाज नहीं तो सोल्‍जर होते

विजेंदर ने कहा था कि वह मुक्‍केबाज ना बनते तो अपने बड़े भाई की तरह आर्मी में जाते।

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सीरियल्‍स में आ चुके हैं नजर

2008 में एक कार्यक्रम में विजेंदर बॉलीवुड अदाकारा बिपाशा के साथ थिरक चुके हैं। इसके अलावा दस का दम में नजर आ चुके हैं।

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बॉलीवुड डेब्‍यू

विजेंदर ने बॉलीवुड में फिल्‍म फगली से पदार्पण‍ किया था। विजेंदर ने एक इंटरव्‍यू में बताया था कि अक्षय कुमार उनके अच्‍छे दोस्‍त हैं। वह हमेशा ही उन्हें प्रोत्‍साहित करते रहते हैं।

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हरियाणा पुलिस में डीएसपी

विजेंदर डीएसपी हैं। एक इंटरव्यू में विजेंदर ने बताया था की उन्होंने बॉक्सिंग की शुरुआत सरकारी नौकरी पाने के लिए ही की थी।

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