Nov 20, 2025
ये है प्रशांत महासागर। प्रशांत महासागर पृथ्वी पर सबसे बड़ा और सबसे गहरा महासागर है, जो जल सतह के करीब 46 फीसदी हिस्से को कवर करता है।
प्रशांत महासागर 15.5 करोड़ वर्ग किलोमीटर में फैला है जिसकी औसत गहराई 13,000 फीट है।
1520 में फर्डिनेंड मैगलन ने इसे 'Pacific'(प्रशांत) कहा था क्योंकि जब उन्होंने पहली बार इसका पानी देखा तो वह शांत लग रहा था।
लेकिन इस शांत नाम के बावजूद वाणिज्यिक उड़ानें आमतौर पर इस विशाल महासागर से बचती हैं। आखिर क्यों?
प्रशांत महासागर पानी का एक विशाल कुंड है, और इसके पार उड़ान भरने के लिए बहुत अधिक ईंधन की जरूरत होती है। दुनिया के सबसे बड़े महासागर के बीच ऐसा करना संभव नहीं है।
पहली नजर में प्रशांत महासागर के पार सीधे उड़ान भरना सबसे छोटा रास्ता लग सकता है। चूंकि पृथ्वी गोलाकार है, इसलिए सीधा रास्ता ही लंबा साबित होता है और ईंधन की कमी हो जाती है।
प्रशांत महासागर अप्रत्याशित मौसम के लिए कुख्यात है, जिसमें तेज हवाएं, तूफान और अशांति शामिल हैं। खुले पानी पर लंबी उड़ान अवधि खतरनाक साबित हो सकती है।
प्रशांत महासागर के ऊपर सीधे उड़ान भरने से तकनीकी समस्याओं या मेडिकल आपात स्थितियों के मामले में वैकल्पिक लैंडिंग साइट्स की कमी से विमान उड़ान नहीं भरते।
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