Dec 31, 2025
4 मई, 2025 तक उपग्रह ट्रैकिंग वेबसाइट "ऑर्बिटिंग नाउ" के अनुसार पृथ्वी की विभिन्न कक्षाओं में 12,149 सक्रिय उपग्रह मौजूद हैं।
अंतरिक्ष में मौजूद उपग्रहों की संख्या पर गहराई से नजर डालने पर पता चलता है कि कैसे छोटे उपग्रहों ने निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में अपना वर्चस्व स्थापित कर लिया है।
पृथ्वी की कक्षाओं की तीन मुख्य श्रेणियों में छोटे उपग्रह अंतर्राष्ट्रीय पृथ्वी कक्षा (LEO) में प्रमुख हैं, जबकि बड़े उपग्रह भूस्थिर कक्षा (जीईओ) और मध्यम पृथ्वी कक्षा (एमईओ) में हैं।
अंतरिक्ष में अमेरिका के सबसे अधिक 8000 सैटेलाइट है और इसने रूस सहित बाकी देशों को बहुत बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है।
इसके बाद रूस, चीन और यूके का नंबर आता है। रूस के1500, चीनके 800 और यूनाइटेड किंगडम के 700 सैटेलाइट अंतरिक्ष में हैं।
जापान के 200 सैटेलाइट, फ्रांस और भारत के 100-100 सैटेलाइट, जर्मनी के 80, कनाडा के 70 और इटली के 50 सैटेलाइट अंतरिक्ष में हैं।
इस मामले में भारत की सफलता बहुत मायने रखती है क्योंकि एक विकासशील देश होने के बावजूद वह कई तकनीक प्रधान विकसित देशों से भी आगे निकल गया है।
21वीं सदी की शुरुआत में सिर्फ 14 देशों के पास उपग्रह थे। पिछले दो दशकों में अंतरिक्ष में सक्रिय 91 नए देशों के उपग्रह कक्षा में पहुंच चुके हैं।
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स