Jul 21, 2025
अंतरिक्ष या कहें कि ब्रह्मांड कितना बड़ा है यह कोई नहीं जानता और न ही बता सकता, यह अनादि और अनंत है। इसके रहस्य आज तक कोई नहीं सुलझा सका, सिर्फ अनुमान ही लगाया जा सकता है।
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अंतरिक्ष एक निर्वात यानि वैक्यूम है जहां आप आवाज नहीं सुन सकते, आवाज सुनने के लिए किसी माध्यम की जरूरत होती है।
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अंतरिक्ष में ग्रह, उपग्रह, नक्षत्र (तारे), उल्कापिंड, गैलेक्सी, मैग्नेटिक फील्ड और ब्लैक होल मौजूद हैं। दो ग्रहों या दो तारों के बीच जो स्थान है उसमें धूल के कण और गैसें मौजूद हैं।
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अंतरिक्ष में खतरनाक रेडियेशन जैसे इंफ्रारेड रे अल्ट्रावॉयलेट रे, एक्स-रे, गामा-रे, कॉस्मिक रे, और मैग्नेटिक फील्ड मौजूद हैं।
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अंतरिक्ष में हवा और ऑक्सीजन नहीं है। यहां हर समय अंधेरा रहता है। सूर्य के कारण ही प्रकाश रहता है और वह भी सिर्फ कुछ ग्रहों पर।
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अंतरिक्ष में लाखों गैलेक्सी हैं जिसमें लाखों सूर्य, तारे, चंद्रमा, धरती, ग्रह, उपग्रह, उल्का और ब्लैक होल हैं। आखिर ये कहां से आए हैं, कैसे और कब बने हैं?
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वैज्ञानिकों ने हमारी गैलेक्सी में असंख्य तारामंडल ढूंढे हैं। हमारी गैलेक्सी का नाम है मिल्की वे, जिसमें हम धरती पर रहते हैं। ये पूरे ब्रह्मांड का एक मामूली हिस्सा है।
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अंतरिक्ष में अब तक 800 से ज्यादा गैलेक्सी ढूंढी जा चुकी है। वैज्ञानिक कहते हैं कि लगभग 19 अरब गैलेक्सियां हो सकती है। आखिर कितना फैला हुआ है ब्रह्मांड?
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माना जाता है कि इसी गैलेक्सी में धरती की तरह ही कोई अन्य ग्रहों पर भी जीवन हो सकता है जहां पर मनुष्य से भी कई गुना ज्यादा बुद्धिमान लोग रहते हों।
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