Dec 18, 2025
Credit: iStock
Credit: iStock
जकार्ता हर साल 6.7 इंच तक धंस रहा है और इसके लिए अत्यधिक भूजल दोहन को जिम्मेदार माना जा रहा है।
Credit: iStock
विश्व आर्थिक मंच ने एक अनुमान के आधार पर बताया कि जकार्ता का बड़ा हिस्सा 2050 तक समुद्र में समा सकता है।
Credit: iStock
जकार्ता के जलमग्न होने के अनुमान के चलते लाखों लोगों की जान और संपत्तियों पर खतरा मंडरा रहा है।
Credit: iStock
तेज़ भूमि धंसाव और समुद्र स्तर में वृद्धि के कारण शहर में बार-बार भीषण बाढ़ आ रही है।
Credit: iStock
जकार्ता में लगभग एक करोड़ लोग रहते हैं जिनकी सुरक्षा सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
Credit: iStock
इंडोनेशिया सरकार ने जकार्ता को राजधानी से दूर ले जाने का फैसला किया है जिसके लिए 10 साल का समय निर्धारित किया गया है। इस परियोजना पर करीब 33 अरब अमेरिकी डॉलर खर्च होने का अनुमान है।
Credit: iStock
जकार्ता की स्थिति दुनिया के अन्य तटीय शहरों के लिए एक चेतावनी है कि जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक भूजल दोहन कितना घातक साबित हो सकता है।
Credit: iStock
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स