Mar 11, 2026
धरती से लगभग 400 किमी ऊपर अंतरिक्ष में तैरता इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन मानव तकनीक का सबसे बड़ा उदाहरण है।
Credit: istock
ISS को बनाने में 100 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च आया है, इसलिए इसे दुनिया की सबसे महंगी मानव-निर्मित चीज माना जाता है।
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इस विशाल अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण 1998 में शुरू हुआ और कई वर्षों में अलग-अलग मॉड्यूल जोड़कर इसे तैयार किया गया।
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अमेरिका, रूस, यूरोप, जापान और कनाडा सहित कई देशों ने मिलकर इस प्रोजेक्ट को बनाया।
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ISS एक विशाल स्पेस लैब है, जहां माइक्रोग्रैविटी में वैज्ञानिक कई महत्वपूर्ण प्रयोग करते हैं।
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इस स्टेशन पर रहने वाले अंतरिक्ष यात्री हर 90 मिनट में पृथ्वी का एक चक्कर पूरा करते हैं।
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ISS को बिजली देने के लिए बड़े-बड़े सोलर पैनल लगाए गए हैं, जो सूरज की रोशनी से ऊर्जा बनाते हैं।
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यह स्टेशन लगभग फुटबॉल मैदान के बराबर फैला हुआ है और इसका वजन करीब 400 टन है।
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योजना के अनुसार इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का संचालन 2030 तक जारी रह सकता है, इसके बाद इसे पृथ्वी पर गिराने की योजना है।
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