तेजी से घूम रही पृथ्वी, क्या है वजह, क्या बदल जाएगा UTC?
Amit Mandal
UTC से एक सेकंड कम करने पर विचार
एक दुर्लभ और अभूतपूर्व कदम के तहत वैज्ञानिक पृथ्वी के घूमने की गति बढ़ने के साथ कोऑर्डिनेटेड यूनिवर्सल टाइम (UTC) से एक सेकंड कम करने पर विचार कर रहे हैं।
Credit: NASA
पृथ्वी का घूर्णन कुछ तेज हुआ
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, नवीनतम आंकड़े दर्शाते हैं कि इस गर्मी में पृथ्वी का घूर्णन कुछ तेज है, और कुछ दिन सामान्य 24 घंटे की अवधि से एक मिलीसेकंड से कम के रहे।
Credit: NASA
क्या होगा असर
पृथ्वी के घूर्णन में थोड़ा सा भी बदलाव उपग्रहों, GPS और अंतर्राष्ट्रीय संचार नेटवर्क जैसी संवेदनशील प्रणालियों में खराबी का कारण बन सकता है।
Credit: NASA
10 जुलाई सबसे छोटा दिन
विशेषज्ञों और अमेरिकी नौसेना वेधशाला ने घोषणा की है कि 10 जुलाई अब तक का वर्ष का सबसे छोटा दिन था, जो टाइम व डेट के अनुसार, 24 घंटे से 1.36 मिलीसेकंड कम था।
Credit: NASA
You may also like
दुनिया की वो रानी जो रात गुजारने के बाद ...
धरती छोड़ अंतरिक्ष में की शादी, बने स्पे...
अब क्या करना होगा?
अगर यही गति जारी रही, तो एक अभूतपूर्व कदम उठाना पड़ सकता है, विश्व समय से एक पूरा सेकंड घटाना होगा।
Credit: NASA
लीप सेकंड को 27 बार जोड़ा जा चुका है
1972 से पृथ्वी के अनियमित घूर्णन की भरपाई के लिए लीप सेकंड को 27 बार जोड़ा जा चुका है। हालांकि, ऋणात्मक लीप सेकंड का इस्तेमाल कभी नहीं किया गया है, जो UTC को एक सेकंड बढ़ा देगा।
Credit: NASA
पृथ्वी तेजी से क्यों घूम रही है?
पृथ्वी के अस्थिर घूर्णन के कारण बहुआयामी हैं। वायुमंडल में मौसमी उतार-चढ़ाव, चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण प्रभाव और यहां तक कि पृथ्वी के पिघले हुए कोर की बदलती गति भी इसमें योगदान करती है।
Credit: NASA
चंद्रमा और ज्वार-भाटे का असर
विशेषज्ञों के अनुसार, चंद्रमा और ज्वार-भाटे पृथ्वी के घूर्णन में थोड़े समय का बदलाव लाते हैं, जिससे उपग्रह के अधिक या कम ऊंचाई पर होने पर पृथ्वी की गति तेज हो जाती है और भूमध्य रेखा के ऊपर होने पर धीमी हो जाती है।
Credit: NASA
जलवायु परिवर्तन भी वजह
एक अन्य कारक जलवायु परिवर्तन है। ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका की पिघलती बर्फ पृथ्वी के चारों ओर द्रव्यमान को प्रभावित करती है।
Credit: NASA
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स
Next: दुनिया की वो रानी जो रात गुजारने के बाद मर्दों को उतार देती थी मौत के घाट, कारण है दिलचस्प