Dec 29, 2025
सिकंदर का इतिहास में बहुत ज्यादा जिक्र है, उसका भारतीय अभियान भारतीय उपमहाद्वीप में 327 ईसा पूर्व से 325 ईसा पूर्व तक चला था
Credit: Wikimedia Commons
सिकंदर ने हाइडस्पेस नदी (झेलम नदी) के युद्ध में भारतीय राजा पोरस को हराया था उसका इतिहास में प्रमुखता से जिक्र है
Credit: Wikimedia Commons
इतिहासकार बताते हैं कि सिकंदर के सैनिक बहुत लंबे समय से घर से दूर थे और एक पोरस से लड़ाई के बाद उन्हें डर रहे थे कि एक विशाल सेना उन पर हमला करेगी
Credit: Wikimedia Commons
इसके बाद सिकंदर की सेना व्यास नदी पहुंची तो उसके सैनिकों ने डर और थकान की वजह से आगे बढ़ने से इनकार कर दिया था
Credit: Wikimedia Commons
सिकंदर ने ये मांग मानते हुए अपनी सेना के एक बड़े भाग को वापस फारस भेज दिया, फिर वह बाकी सैनिकों को लेकर वह मकरान के गेड्रोसिया के रेगिस्तान की तरफ से गुजरा
Credit: Wikimedia Commons
सिकंदर महान की सेना मकरान के गेड्रोसिया क्षेत्र से होकर गुजरते समय तेज गर्मी और पानी की कमी ने सेना के एक बड़े हिस्से को नष्ट कर दिया कई सैनिक खाने की कमी और प्यास से मारे गए
Credit: Wikimedia Commons
इस क्षेत्र में जरूरी संसाधनों की कमी थी तो मजबूरी में सैनिकों को भूख मिटाने को अपने घोड़ों और खच्चरों को मारकर खाना पड़ता था और फिर झूठ बोल देते थे कि जानवर प्यास से मर गए या गर्मी से
Credit: Wikimedia Commons
जब भीषण गर्मी और प्यास को सहन करने के बाद इन सैनिकों को काफी भारी मात्रा में पानी मिला, तो उनमें से कई लोग अपनी भूख को कंट्रोल न कर पाने के कारण अधिक मात्रा में पानी पीने से मर गए
Credit: Wikimedia Commons
सिकंदर के हजारों सैनिक रेगिस्तान में मारे गए, सिकंदर जो 120,000 पैदल सेना और 15,000 घुड़सवार सेना ले गया था, उनमें से केवल एक चौथाई ही वापस लौट पाए बाकी वहीं मर गए
Credit: Wikimedia Commons
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स