Jun 07, 2025

चौथी और 5वीं पीढ़ी के फाइटर प्लेन के ये हैं बेसिक 5 अंतर, जान लीजिए

Alok Rao

​स्टील्थ तकनीक​

चौथी पीढ़ी के फाइटर प्लेन में स्टील्थ क्षमता बहुत सीमित होती है। ये रडार पर दिखाई दे जाते हैं।

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​रडार क्रास सेक्शन कम​

जबकि 5वीं पीढ़ी के फाइटर प्लेन में स्टील्थ फीचर ज्यादा प्रभावी रहता है। इनका रडार क्रास सेक्शन बहुत कम होता है।

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​​एवियोनिक्स, सेंसर फ्यूजन​

चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान में सेंसर अलग-अलग कार्य करते हैं और जानकारी पायलट को अलग-अलग रूप में मिलती है।

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​पायलट को सभी जानकारी एक साथ ​


वहीं 5वीं पीढ़ी के फाइटर प्लेन में सेंसर फ्यूजन के माध्यम से सभी सेंसर की जानकारी एकीकृत रूप से पायलट को मिलती है।


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​​सुपरक्रूज़ क्षमता​​

चौथी पीढ़ी के फाइटर जेट में सुपरसोनिक स्पीड के लिए ऑफ्टरबर्नर की जरूरत होती है, जिससे ईंधन ज्यादा खर्च होता है।

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​सुपरसोनिक गति ​

जबकि पांचवीं जेनरेशन का फाइटर प्लेन बिना ऑफ्टरबर्नर सुपरसोनिक गति प्राप्त कर सकता है।

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​नेटवर्क-सेंट्रिक​

चौथी पीढ़ी के फाइटर प्लेन में नेटवर्किंग क्षमताएं सीमित होती हैं।

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​रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग​

वहीं 5वीं पीढ़ी का फाइटर प्लेन रीयल-टाइम डेटा शेयरिंग करता है।

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​चौथी-पांचवीं पीढ़ी के फाइटर​

मिग-29, F-16, Mirage-2000, Su-30MKI चौथी पीढ़ी के और F-22, F-35, Su-57, J-20, प्रस्तावित AMCA पांचवीं पीढ़ी के फाइटर हैं।

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