Apr 02, 2024
ट्रेन से सफर के दौरान यात्रियों के मन में कई बार ऐसे सवाल आते हैं जिनका जवाब खुद रेलवे के अधिकारी तक नहीं दे पाते हैं।
Credit: Social Media/Istock
ऐसा ही एक सवाल कई बार यात्री पूछते हैं कि, आखिर एक किलोमीटर में एक ट्रेन कितना तेल पी जाती है ? आसान शब्दों में यात्री ट्रेन का माइलेज जानना चाहते हैं, आज हम इसी के बारे में बात करेंगे।
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सबसे पहले तो ये जान लीजिए कि, पहले ट्रेनों का संचालन कोयले से होता था और बाद में डीजल से चलने वाली ट्रनें बनीं और अब बिजली से चलती हैं। लेकिन तेल की बात है तो हम आपकेा डीजल ट्रेनों के माइलेज के बारे में बताते हैं।
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भारतीय रेल के इंजन का फ्यूल टैंक तीन हिस्सों में बंटा होता है- 5000 लीटर, 5500 लीटर और 6000 लीटर। डीजल इंजन की 12 कोच वाली पैसेंजर ट्रेन 6 लीटर में एक किलोमीटर का माइलेज देती है।
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वहीं, अगर 24 कोच वाली एक्सप्रेस ट्रेन की बात करें तो ये भी 6 लीटर प्रति किलोमीटर का माइलेज देती है। हालांकि 12 डिब्बों वाली एक्सप्रेस ट्रेन 4.50 लीटर प्रति किलोमीटर का माइलेज देती है।
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पैसेंजर ट्रेन सभी स्टेशनों पर रुकते हुए चलती है इसलिए इसमें ब्रेक और एक्सीलेटर कई बार लगते हैं। जबकि एक्सप्रेस ट्रेन के स्टॉपेज कम होते हैं इसलिए उनमें ब्रेक और एक्सीलेटर कम लगते हैं। यही वजह है दोनों के माइलेज में अंतर होता है।
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ये तो हुई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों की बात, अब मालगाड़ी के बारे में भी जान लेते हैं। दरअसल, मालगाड़ी में माइलेज बहुत ही अलग-अलग होता है। इसका माइलेज मालगाड़ी के कुल वजन पर निर्भर करता है।
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अगर मालगाड़ी पर वजन ज्यादा है तो माइलेज कम होगा। अगर मालगाड़ी पर वजन कम है तो माइलेज ज्यादा होगा।
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तो शायद आप ट्रेन के इंजन और फ्यूल से जुड़ा सारा मैकेनिज्म समझ गए होंगे।
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