Dec 26, 2024
इंटरनेट पर आजकल पॉडकास्ट का चलन तेजी बढ़ा है जिसे लोग इंटरव्यू समझते हैं।
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क्या आपको पता है कि, इंटरव्यू और पॉडकास्ट में बहुत बड़ा अंतर है ? हम बताते हैं।
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इंटरव्यू में मेहमानों को स्टूडियो आना होता है मगर पॉडकास्ट डायरेक्ट इंटरनेट पर स्ट्रीम किए जा सकते हैं।
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इंटरव्यू आमतौर पर लाइव होते हैं मगर पॉडकास्ट रिकॉडेड होते हैं और रुक-रुक के जारी होते हैं।
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इंटरव्यू में गेस्ट से किसी भी मुद्दे पर हर तरह के सवाल पूछे जा सकते हैं जबकि पॉडकास्ट में विशिष्ट विषयों पर ही चर्चा होती है।
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पॉडकास्ट आम तौर पर धीमी गति के होते हैं, उनमें सामयिकता और तात्कालिकता कम होती है।
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इंटरव्यू कई प्रकार के होते हैं। जैसे- चयन के लिए साक्षात्कार, टेलीविजन साक्षात्कार, दूरभाष साक्षात्कार, सूचना साक्षात्कार, लंच साक्षात्कार, केस साक्षात्कार, पजल साक्षात्कार, स्ट्रेस साक्षात्कार, व्यक्तिगत साक्षात्कार और आभासी साक्षात्कार।
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पॉडकास्ट इनसे इतर कई अन्य प्रकार के होते हैं जिनके अंतर्गत सीमित विषयवस्तु होती है। जैसे- साक्षात्कार पॉडकास्ट, सोलो पॉडकास्ट, पैनल पॉडकास्ट, नॉन-फ़िक्शनल स्टोरी टेलिंग पॉडकास्ट, स्क्रिप्टेड फ़िक्शन पॉडकास्ट, कॉल-इन पॉडकास्ट, पुनःप्रयोजन सामग्री, पॉडकास्ट, हाइब्रिड पॉडकास्ट और लाइव पॉडकास्ट।
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हालांकि, आज के ट्रेंड में ज्यादातर इंटरव्यू पॉडकास्ट के फॉर्मेट और सेटअप में हो रहे हैं जिससे पॉडकास्ट का वास्तविक रूप कहीं छिप गया है। मगर इंटरव्यू और पॉडकास्ट की विषयवस्तु एवं उनकी प्रकृति एक दूसरे से बेहद अलग है जो कि ऊपर हमने आपको बताई।
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