55 साल तक ट्रेन में नहीं था शौचालय, कैसे एक शख्स ने बदल दी कहानी

Aditya Sahu

Aug 28, 2023

​हर रोज लाखों लोग करते हैं ट्रेन में यात्रा​

भारतीय ट्रेन में हर दिन लाखों लोग यात्रा करते हैं और अपने सफर तक पहुंचते हैं।

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​भारत में 1853 में चली थी पहली ट्रेन​

भारत में साल 1853 में पहली ट्रेन चली थी।

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​तब नहीं होता था ट्रेन में टॉयलेट​

तब ट्रेन में टॉयलेट की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी।

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​55 साल बिना टॉयलेट ट्रेन में हुआ सफर​

भारतीय ट्रेन शुरू होने के 55 साल बाद तक यात्रियों को बिना टॉयलेट सफर करना पड़ा था।

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​पेट दबाकर बैठे रहते थे यात्री​

इस दौरान जब किसी यात्री को टॉयलेट लगती थी तो उसे पेट दबाकर बैठे रहना पड़ता था।

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​स्टेशन आने पर ही मिलती थी सुविधा​

जब कोई स्टेशन आता था और ट्रेन रुकती थी। इसके बाद ही यात्री टॉयलेट जा पाते थे।

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​ओखिल चंद्र सेन ने बदली कहानी​

ओखिल चंद्र सेन वह शख्स से जिनकी वजह से पूरी कहानी बदल गई।

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​छूट गई थी ओखिल चंद्र की ट्रेन​

दरअसल, ओखिल चंद्र नाम के यात्री की ट्रेन इसलिए छूट गई थी, क्योंकि वह स्टेशन पर उतरकर टॉयलेट करने चले गए थे।

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​शिकायत के बाद लगने लगा टॉयलेट​

इसके बाद उन्होंने रेलवे को एक शिकायती पत्र लिखा। उनके पत्र के बाद ही ट्रेनों में शौचालय बनाने की कवायद शुरू हुई।

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