Dec 28, 2025
पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) से मिले डेटा के मुताबिक भारत का पेट्रोल पंप नेटवर्क अब 1,00,266 तक पहुंच गया है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश में ईंधन वितरण का ढांचा तेजी से मजबूत हुआ है।
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PPAC के अनुसार, वर्ष 2015 में भारत में 50,451 पेट्रोल पंप थे। करीब एक दशक में यह संख्या दोगुनी हो जाना बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
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पेट्रोल पंपों की इस संख्या के साथ भारत पेट्रोल पंप नेटवर्क के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।
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पेट्रोल पंपों की संख्या में अमेरिका पहले नंबर पर है, जहां 2024 की रिपोर्ट के अनुसार 1,96,643 हैं। चीन दूसरे नंबर पर है, जिसके पास 1,15,228 हैं।
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भारत में 90 प्रतिशत से अधिक पेट्रोल पंप सरकारी कंपनियों के स्वामित्व में हैं, जिससे ईंधन आपूर्ति पर सरकार का मजबूत नियंत्रण बना हुआ है।
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रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी कंपनियों में इंडियन ऑयल (IOCL) के सबसे अधिक 41,664 आउटलेट हैं। इसके बाद BPCL के 24,605 और HPCL के 24,418 पेट्रोल पंप हैं।
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प्राइवेट कंपनियों में नायरा एनर्जी सबसे बड़ी फ्यूल रिटेलर है, जिसके 6,921 आउटलेट हैं। इसके बाद रिलायंस-BP के 2,114 और शेल के 346 पेट्रोल पंप हैं।
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2015 में प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी 5.9 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गई है, हालांकि अभी भी सरकारी कंपनियों का दबदबा बना हुआ है।
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भारत में फ्यूल रिटेलिंग में प्राइवेट सेक्टर की शुरुआत वित्त वर्ष 2004 में हुई थी, जब केवल 27 पेट्रोल पंप निजी कंपनियों के
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देश के कुल पेट्रोल पंपों में से लगभग 29 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं, जबकि 10 साल पहले यह आंकड़ा 22 प्रतिशत था, जो ग्रामीण भारत में बढ़ती ईंधन पहुंच को दर्शाता है।
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