Jan 20, 2026
रोमांच की तलाश में अगर आप किसी रहस्यमयी जगह की खोज में हैं तो ये जगह आपको अंदर तक हिला सकती है।
Credit: Istock
हम बात कर रहे हैं मालचा महल की जहां चारों तरफ सन्नाटा और टूटी-फूटी दीवारों की वजह से यहां का माहौल बेहद डरावना हो जाता है।
Credit: Istock
कई सदियों तक मालचा महल वीरान पड़ा हुआ था लेकिन, 1970 के दशक में बेगम विलायत दिल्ली आईं और कहानी बदल गई।
Credit: Istock
बेगम विलायत परिवार के साथ धरने पर बैठ गई थीं कि उनके शाही परिवार की संपत्ति को वापस किया जाए। लंबे संघर्ष के बाद सरकार ने 1984 में रहने के लिए उन्हें मालचा महल दिया था।
Credit: Istock
महल में ना बिजली थी ना ढंग की कोई व्यवस्था बावजूद इसके बेगम विलायत दुनिया से कटकर परिवार और कुत्ते के साथ महल में रहती थीं।
Credit: Istock
महल के गेट पर एक डरावना बोर्ड लगाया था जिसपर लिखा था- 'एंट्री मना है, खूंखार कुत्तों से सावधान। घुसने वालों को गोली मार दी जाएगी।'
Credit: Istock
कुछ सालों बाद खबर आई कि बेगम विलायत ने हीरे और मोती पीसकर जहर में मिलाया और उसे पीकर आत्महत्या कर ली है।
Credit: Istock
उनकी लाश कभी नहीं मिली इसके अलावा आसपास के लोग कहते हैं कि यहां रात में आज भी अजीब आवाजें आती हैं और परछाइयां दिखती हैं।
Credit: Istock
नई दिल्ली के चाणक्यपुरी एरिया में इसरो के दिल्ली अर्थ स्टेशन और बुद्धा गार्डन के पास मालचा महल स्थित है।
Credit: Istock
इस स्टोरी को देखने के लिए थॅंक्स