Apr 09, 2025

क्या है नियोग प्रथा, जिससे पांडु और धृतराष्ट्र का हुआ था जन्म, जान लें इसके नियम

Laveena Sharma

​नियोग प्रथा​

नियोग प्रथा एक प्राचीन भारतीय प्रथा थी, जिसके तहत अगर कोई पति संतान उत्पन्न करने में असमर्थ हो या उसकी मृत्यु हो जाए, तो उसकी पत्नी परिवार की सहमति से किसी और पुरुष से संतान प्राप्त कर सकती थी।

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Sade Sati On Mesh Rashi

​महाभारत के अनुसार, धृतराष्ट्र, पाण्डु और विदुर का जन्म नियोग विधि से हुआ था।​

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​इस प्रथा का पालन केवल संतान प्राप्ति के लिए ही किया जा सकता था।​

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​पुरुष अपने जीवनकाल में केवल तीन बार ही नियोग का पालन कर सकता था।​

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​नियुक्त पुरुष को केवल धर्म के पालन के लिए इस प्रथा का पालन करना होता था।​

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​नियोग विधि से पैदा हुए बच्चे को वैध माना जाता था।​

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​नियम​

नियोग का अनिवार्य नियम ये था कि कोई भी इस प्रथा का पालन केवल संतान प्राप्ति के लिए ही करेगा, आनंद के लिए नहीं।

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​शरीर पर लगाया जाता था घी​

​नियोग में शरीर पर घी का लेप लगाया जाता है ताकि पत्नी और नियुक्त पुरुष के मन में वासना जागृत न हो।

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​नियोग के लिए नियुक्त पुरुष को उस बच्चे के पिता होने का अधिकार नहीं दिया जाता था।​

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